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प्रेगनेंसी का तीसरा महीना – Pregnancy third month in Hindi

गर्भावस्था के तीसरे महीने में, आपके बच्चे का काफी विकास हो जाता है। नतीजतन, आप पहले से कहीं अधिक थका हुआ महसूस कर सकती हैं।

गर्भावस्था के तीसरे महीने में बच्चे का विकास – Baby growth in third month of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के तीसरे महीने के अंत तक, बच्चे की लम्बाई लगभग 3.5 इंच हो जाती है और वो एक बेर के आकार का होता है। 

आपका बच्चा अभी भी बहुत छोटा होता है, उसके सभी शरीर के अंग और सिस्टम विकसित हो रहे होते हैं और इसी समय उसके जननांग विकसित होते हैं, हालांकि उन्हें अल्ट्रासाउंड टेस्ट पर इस समय तक नहीं देखा जा सकता है। आपके बच्चे की हाथों और पैरों की उंगलियां और नाखून भी विकसित होने लगते हैं। हड्डियां, उपास्थियां (Cartilage) और नीचे के दांत और मसूड़े और बच्चे की मांसपेशियां बन रही होती हैं।
आपका बच्चा अब अपने हाथों और पैरों को हिला डुला सकता है। हालांकि आप अभी कुछ और महीनों तक ये महसूस नहीं कर पाएंगी। इस समय तक आपके बच्चे का चेहरा पूरी तरह से बन जाता है और वह अंगूठा या मुट्ठी चूसना भी शुरू कर देता है। बच्चे में पाचन रस (Digestive juices) बनने लगते हैं और वो मूत्रत्याग भी करने लगता है।

प्रेग्नेंसी के तीसरे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 3rd month of pregnancy in Hindi

हो सकता है कि आप तीसरे महीने के दौरान अधिक थकान महसूस करें। गर्भ में बच्चे को पालना बहुत कठिन काम होता है। इसके अलावा, आपका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों ही गर्भावस्था के दौरान कम हो जाते हैं। अब आप अपने पेट को बहुत हल्का सा गोलाई में बढ़ा हुआ महसूस कर सकती हैं।

तीसरे महीने में पाचन सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं। प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर पाचन क्रिया को धीमा कर देता है ताकि आपका शरीर बच्चे के लिए अधिक पोषक तत्वों को अवशोषित कर सके। धीमे पाचन की वजह से आप पेट फूलने या पेट में गैस का अनुभव कर सकती हैं। इस समय सिरदर्द और चक्कर आना भी आम बात है।
गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ना भी सामान्य है और इस समय तक महिलाओं का वज़न भी थोड़ा सा तो बढ़ ही जाता है और उनके रोज़ के कपड़े भी टाइट हो जाते हैं।

तीसरे महीने की गर्भावस्था के बारे में जाने योग्य बातें – Things to know about third month of pregnancy in Hindi

यदि आप गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान मॉर्निंग सिकनेस से पीड़ित हैं तो कई सारे या अलग अलग प्रकार के और स्वस्थ आहार खाना वास्तव में कठिन हो सकता है। विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां, प्रोटीन, प्रोबायोटिक्स (दही, पनीर, टोफू) और सम्पूर्ण अनाज दिनभर में खाने का प्रयास करें।

प्रेग्नेंसी को स्वस्थ रखने के लिए, प्रीनेटल विटामिन (Prenatal vitamin) भी लें। आपका बच्चा अब बहुत तेज़ी से विकास करता है और उसको सभी पोषक तत्वों की जरूरत होती है जो आप ही उसे दे सकती हैं। अगर आपने अभी तक प्रीनेटल कैल्शियम सप्पलीमेंट लेना शुरु नहीं किया है तो अब लेना शुरु कर दें। कैल्शियम बच्चे की हड्डियों और दांतों को मजबूत और विकसित करने में मदद करता है। अपने आप को हाइड्रेटेड रखें। आप जहाँ भी जाएं साथ में पानी की बोतल ले जाएं ऐसा करने से वास्तव में मदद मिलती है।

तीसरा महीना गर्भावस्था का सबसे थकाऊ महीना हो सकता है। इसलिए अधिक से अधिक आराम करें। दिन भर में बीच बीच में थोड़ी थोड़ी देर के लिए झपकी लेना भी थकान दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। चाय पीने से भी इसमें राहत मिल सकती है लेकिन कोशिश कीजिये कि आप हर्बल चाय अधिक पिएं।