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प्रेग्नेंसी का नवां महीना – Pregnancy ninth month in Hindi

जब गर्भावस्था का नवां महीना बोला जाता है, तो उसका मतलब होता है कि बच्चा आपके गर्भ में 38-40 हफ़्तों से पल रहा है मतलब करीब दस महीने तक। अब आपसे बच्चे के जन्म का इंतजार भी नहीं होगा। लेकिन अब आपको बस कुछ दिनों का ही इंतज़ार करना है अर्थात आप पूरे 8 महीने गुज़ार चुकी हैं।

गर्भावस्था के नवें महीने में बच्चे का विकास – Baby growth during 9th month of pregnancy in Hindi

गर्भ में पल रहा बच्चा अब पूरी तरह से जन्म लेने के लिए तैयार हो चुका होता है। लेकिन उसका वजन और मस्तिष्क अभी भी वृद्धि और विकास कर रहे होते हैं। उसकी खोपड़ी (Skull) के अलावा शरीर की सारी हड्डियां कठोर होती हैं। सिर्फ खोपड़ी की हड्डी इसलिए कठोर नहीं होती ताकि जन्म के समय बर्थ कैनाल (Birth canal) से वो आसानी से बाहर निकल सके।

प्रेग्नेंसी के नवें महीने में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 9th month of pregnancy in Hindi

इस महीने, कुर्सी से उठने से लेकर रात को सोने के लिए लेटने की कोशिश करने तक सब कुछ एक काम की तरह लगता है। ज्यादातर समय तो असहज ही महसूस होता है।
गर्भावस्था के इन अंतिम कुछ हफ्तों के दौरान वज़न भी करीब 11 से 16 किलो तक बढ़ जाता है।


आप प्रेग्नेंसी के इन अंतिम कुछ दिनों में अपने घर को सजाने की कोशिश भी कर सकती हैं। अक्सर इसका मतलब ये होता है कि अचानक आपमें बहुत अधिक ऊर्जा आ जाती है। लेकिन ध्यान रखिये सफाई तक तो ठीक है, लेकिन वो भी आवश्यकता से अधिक न हो।

नवें महीने की गर्भावस्था के बारे में जानने योग्य बातें – Things to know about ninth month of pregnancy in Hindi

स्वस्थ भोजन करना और हाइड्रेटेड रहना हर महीने की तरह अभी के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए तैयार किये गए सप्प्लिमेंट्स एकत्रित कर लें क्योंकि अगर आप जन्म के बाद प्रीनेटल विटामिन का उपयोग करना बंद करना चाहती हैं तो आपके शरीर को पोषक तत्वों की आवश्यकता होगी । अपनी गर्भावस्था के इन अंतिम हफ्तों में आप जितना आराम कर सकती हैं उतना आराम करने की कोशिश करें।

आपके डॉक्टर यह पुष्टि करने के लिए कि बच्चे का सिर अब नीचे की ओर हो गया है या नहीं वो संभावित रूप से डाइलेशन के लिए पैल्विक जांच द्वारा आपके गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) की जांच करेंगे।
बेबी अब किसी भी समय जन्म ले सकता है। आपको ऐसा निम्न गतिविधियों के होने पर अनुभव होगा:
आपकी पीठ में निरंतर दर्द हो सकता है।
आपकी गर्भाशय ग्रीवा पतली और डाइलेट होने लगती है।
पानी की थैली टूट जाती है।
आपको महसूस होने वाले संकुचन मजबूत, अधिक और जल्दी जल्दी होने लगेंगे।

आपके डॉक्टर के अनुसार अगर आपकी प्रेग्नेंसी एक सामान्य गर्भावस्था है तो आपको प्रसव पीड़ा होने तक अस्पताल या जन्म केंद्र तक जाने की ज़रूरत नहीं है लेकिन अगर जटिलताओं की सम्भावना है तो डॉक्टर आपको अस्पताल में तब भर्ती होने को कहेंगे जब आपको संकुचन नियमित या हर पांच मिनट में महसूस होने लगे। बस अस्पताल से वापस आते समय आप मां बन चुकी होंगी।