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5 कारण हम दर्द भरे नग्मे क्यों पसंद करते है

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दुःख एक ऐसी भावना है जो प्रारम्भ से ही इंसानी सभ्यता में सामान रूप से दिखाई देती है। फिर चाहे वो इंसान किसी भी धर्म का हो या किसी भी देश का हो। क्रोध, खुशी, और उदासी जैसी बुनियादी भावनाएं इंसान जन्म से ही अनुभव करता आया है और आगे भी करता रहेगा। संगीत या गानो में इन बुनयादी भावनाओ को समझना काफी आसान होता है । उदाहरण के लिए, एक उदास और दर्द भरा गीत सुनने से किसी श्रोता में उदासी की भावना उत्पन्न हो सकती है । उदासी को आमतौर पर एक नकारात्मक भावना के रूप में देखा जाता है। लेकिन हम इसे एक तरह से आनंददायक भी पाते हैं, आज हम इसी विरोधाभास के बारे में बात करेंगे ।

कुछ अध्ययनों से पता चलता है की उदास संगीत की प्रतिक्रिया में आनंद एक या अनेक कारणो से हो सकता है।

नास्टैल्जिया

उदास संगीत, हमारे पास्ट या अतीत की यादों को ट्रिगर केर देता है। जिससे हमारी पुरानी यादे ताज़ा हो जाती है और ये हमारे मुड़ को भी बदल देता है। इसका असर तब ज़यादा होता है जब ये यादें हमारे महत्वपूर्ण पलो से जुडी होती है जैसे की हमारी स्कूल या कॉलेज के टाइम की यादें। हम कल्पनाओं के माध्यम से इन यादों की मिठास का आनंद लेते हैं। अच्छे समय को याद करने में हमें ख़ुशी तो महसूस होती ही है , साथ ही साथ उस वक़्त के चले जाने का दुःख भी होता है।

प्रोलैक्टिन

जैविक स्तर पर, उदास संगीत हार्मोन प्रोलैक्टिन से जुड़ा हुआ है। जो रोने की भावना से जुड़ा है और दुःख को रोकने में मदद करता है। दुःख भरे गीत से हमारा मस्तिष्क प्रोलैक्टिन हार्मोन को सक्रिय केर देता है और वास्तविक स्थिति में अगर हम दुखी नहीं है तो ये हार्मोन हमें मानसिक सुख और मन को शांति का अनुभव कराता है।

सहानुभूति

उदास सगीत हमको इसलिए भी अच्छा लगता है क्योकि ये हमे सहानभूति का अनुभव कराता है। सहानुभूति को मोटे तौर पर एक ऐसी प्रक्रिया के रूप में हम देख सकते है जिसके द्वारा हम दूसरे व्यक्ति के दुःख को अनुभव करते है। यदि हम किसी का दुःख देखते है तो हमे उससे सहानभूति होती है और हमारे अंदर सहायता करने की या फिर दुःख बाटने की भावना पैदा होती है। वैसे ही दुःख बारे नग्मे सुनने से भी हमारे अंदर सहानभूति की बह्व्ना उत्पन्न होती है।

मूड रेगुलेशन

उदास संगीत, मूड रेगुलेशन के माध्यम से मनोवैज्ञानिक लाभ प्रदान करता है। यदि कोई व्यक्ति दुखी हो तो उसका घ्यान उसकी परिस्थितिओ से हट के संगीत की मधुरता पर केंद्रित करता है। इसके अलावा ,अगर गाने के बोल व्यक्ति की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करते है तो , वे अपनी भावनाओं या अनुभवों को आवाज दे सकते हैं, खुद दुःख को व्यक्त न कर पा रहे हो।

एक दोस्त

संगीत में साथी या दोस्त का अनुभव और आराम प्रदान करने की क्षमता है। जब लोग इमोशनल परेशानी में होते हैं या अकेलापन महसूस करते हैं, या जब वे खराब मनोदशा में होते हैं, तो लोग उदास संगीत अधिक सुनते हैं। उदास संगीत को एक काल्पनिक दोस्त के रूप में अनुभव किया जा सकता है जो किसी दुखद घटना या अकेलेपन के अनुभव के बाद समर्थन और सहानुभूति का अनुभव प्रदान करता है।

संक्षेप में, संगीत में भावनाओं, मनोदशा, स्मृति और ध्यान को प्रभावित करने की क्षमता होती है। यहां तक की संगीत का उपयोग मनोविज्ञानिक एक थेरेपी की तोर पे भी करते है। म्यूजिक या संगीत को सुनने से किसी तनाव या दुःख को झेलने में मदद मिलती है। एक तुलनात्मक अध्ययन में लोगो को दो ग्रुप में बाँट दिआ गया , एक ग्रुप को स्ट्रेस और डिप्रेशन की दवाइआ दी गई और दूसरे ग्रुप को मधुर संगीत सुनाया गया। और ये पाया गया की जिस ग्रुप को संगीत सुनाया गया वो दूसरे ग्रुप के मुकाबले जल्दी प्रतिक्रिया देने लगा और ठीक होने के लक्षण दिखाने लगा।