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गर्भावस्था का दसवां हफ्ता – Pregnancy 10th week in Hindi

गर्भावस्था के दसवें सप्ताह में आने के बाद बच्चे में जन्मजात असामान्यताओं के होने का खतरा कम होता है। लेकिन इस हफ्ते में प्रवेश करने के बाद असामान्यताओं या विकृति होने का खतरा पूरी तरह से तो नहीं ख़त्म होता लेकिन उसके विकास के सबसे महत्वपूर्ण सप्ताह खत्म हो चुके होते हैं। निरंतर देखभाल और चिकित्सा द्वारा आप प्रेगनेंसी के आगे के हफ़्तों में बढ़ सकती हैं। 

दसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes during 10th week of pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के दसवें सप्ताह में भी आपको देखकर नहीं कहा जा सकता है कि आप गर्भवती हैं, लेकिन आपको गर्भवती होने का अनुभव होने लगता है।
अभी तक आपका वज़न तकरीबन एक किलोग्राम ही बढ़ा होता है लेकिन इस सप्ताह से आपको अधिक वज़न बढ़ने का अनुभव होने लगता है। जैसे जैसे आप अपनी पहली तिमाही के अंत तक पहुंचती हैं, मॉर्निंग सिकनेस जैसे अन्य गर्भावस्था में महसूस होने वाले लक्षण थोड़े कम हो जाते हैं।

दसवें सप्ताह के दौरान आप अपनी प्रेगनेंसी के बारे में अधिक सकारात्मक महसूस करने लगती हैं, क्योंकि आपका पहला चेकअप हो चुका होता है और आप अपने बच्चे के दिल की धड़कन को भी सुन सकती हैं।
भावी माता पिता के लिए यह क्षण बहुत ही रोमांचक होते हैं, और यह आपके शरीर में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन के बढ़ते स्तरों के कारण उत्पन्न होने वाली नकारात्मक भावनाओं को कम कर करने में मददगार है।

दसवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 10th week of pregnancy in Hindi

इस समय शिशु का विकास तेजी से हो ही रहा होता है। हालांकि यह विकास इतनी तेज़ी से होता है कि इसका वर्णन करना थोड़ा कठिन हो जाता है।
इस हफ्ते बच्चा चकोतरे के आकार का हो जाता है। सप्ताह दर सप्ताह आपका बच्चा इसी तेज़ी से बढ़ता रहता है।

इस हफ्ते आपके बच्चे के अंदरूनी अंगों का विकास होता है जैसे गुर्दे, लिवर, आंतों आदि और मस्तिष्क कार्य करना शुरु कर देता है।
अगले तीन हफ्तों के दौरान आपका बच्चा काफी बड़ा हो जायेगा। पैरों की उंगलियों के नाखून भी दिखाई देने लगेंगे और यदि आप अधिक करीब से देखेंगी तो आपको बच्चे की त्वचा पर रोयें भी दिखाई देंगे।
 

दसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound of 10th week pregnancy in Hindi

इस सप्ताह के अल्ट्रासाउंड की छवि में बच्चा नवजात शिशु की तरह दिखाई देता है। उसके हाथ और पैर भी दिखाई देते हैं। छवि में चमकदार सफेद क्षेत्रों में चेहरे की हड्डियां होती हैं।
एम्नियोटिक द्रव (Amniotic fluid) आपके बच्चे के केवल बाहर ही नहीं रहता है, शिशु इसे निगल भी सकता है। लेकिन इसमें चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, एम्नियोटिक द्रव बच्चे के लिए हानिकारक नहीं होता है।

दसवें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 10th week pregnancy in Hindi

यदि आपने अपना पहला चेकअप करवा लिया है और उस वक़्त आपके पति आपके साथ नहीं थे तो अगली बार आप उन्हें भी ज़रूर लेकर जाएं। ऐसा करने से अगर उनके मन में कोई सवाल होगा तो वह वो भी पूछ लेंगे। डॉक्टर आप दोनों को अल्ट्रासाउंड के माध्यम से बच्चे की दिल की धड़कन सुनाएंगे और साथ ही आप दोनों अपने बच्चे की छवि भी देख सकते हैं। 

इन सबसे आपके पति को आपकी प्रेगनेंसी के बारे में अधिक रूचि होगी साथ ही वे स्वयं को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा महसूस करेंगे। इससे आपके पति और बच्चे के बीच अच्छे सम्बन्ध बनेंगे जो गर्भधारण के समय बहुत महत्वपूर्ण होता है।
अपने लिए मातृत्व कपड़े खरीदना भी शुरू कर दीजिये क्योंकि अब आपको नए साइज के कपड़ों की आवश्यकता बहुत जल्द पड़ेगी।

प्रेगनेंसी के दसवें हफ्ते का डाइट प्लान – Diet plan in 10th week of pregnancy in Hindi

9 से 12 सप्ताह तक के समय का डाइट प्लान लगभग समान ही होता है। विटामिन बी, कैल्शियम और मैग्नीशियम आदि पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थ आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होते हैं। कैल्शियम बच्चे के दांतों और हड्डियों आदि को मजबूत बनाने में मदद करता है। 

पेय पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। पानी के आलावा आप आम का पना, जल जीरा, अदरक की चाय और टमाटर का सूप आदि भी पी सकती हैं।
ब्राउन राइस, मुर्गा, मछली और एवोकाडो तथा बिना चर्बी के मांस आदि विटामिन बी 6 के अच्छे स्रोत हैं।
मैग्नीशियम आपके बच्चे का सही वजन बनाए रखने में मदद करता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मूली के पत्ते, सरसों के साग, मेथी के पत्ते, सूखे मेवे, मछली आदि मैग्नीशियम के प्रमुख स्रोत हैं।
विटामिन बी12, गर्भावस्था के दौरान खून की कमी होने से रोकता है। विटामिन बी12 के लिए, आप प्रतिदिन सोया मिल्क और स्प्राउट्स का सेवन करें।

गर्भावस्था का नौंवा सप्ताह – Pregnancy 9th week in Hindi

गर्भावस्था के नौवें सप्ताह के दौरान, आपमें और आपके शिशु में बहुत तेजी से परिवर्तन हो रहे होते हैं। यदि अपने अभी तक डॉक्टर से संपर्क नहीं किया है तो अब डॉक्टर से पहली प्रसवपूर्व जांच (Prenatal test) कराने की तिथि सुनिश्चित कर लें। आपको डॉक्टर से जो कुछ भी पूछना हो आप एक डायरी में नोट कर सकती हैं जिससे उस निश्चित समय में आप कुछ भी भूलेंगी नहीं। पहली गर्भावस्था के दौरान महिला के मन में कई सारे सवाल उमड़ते हैं जिनका सही सही जवाब उसे डॉक्टर ही दे सकते हैं। डॉक्टर के साथ आपकी पहली अपॉइंटमेंट में इसीलिए अधिक समय लगता है। उस डायरी में आप सेवन करने वाली दवाओं के नाम, व्यायाम, खाने पीने की दिनचर्या और अन्य कोई बीमारी हो तो उसके बारे में लिख सकती हैं।

नौवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 9th week of pregnancy in Hindi

आपका गर्भाशय दिन पर दिन बढ़ता है, और नवें हफ्ते में खरबूजे के आकार का हो जाता है। इसके कारण आप सूजन सी महसूस कर सकती हैं और आपको थोड़ी सुस्ती भी होगी। लेकिन याद रखें कि ऐसा हार्मोनों में परिवर्तन होने के कारण होता है इसलिए चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। 
इस सप्ताह से आपका वज़न बढ़ सकता है लेकिन संभवतः ऐसा बच्चे के भार के बजाय वाटर रिटेंशन (Water retention) के कारण होने की संभावना अधिक होती है। इस सप्ताह के दौरान कई महिलाओं को मूड बदलने और गर्भावस्था के अन्य लक्षणों का अनुभव होता है लेकिन फिर से ऐसा हार्मोनों (विशेष रूप से प्रोजेस्टेरोन) के कारण ही होता है। 
कुछ गर्भावस्था लक्षण जैसे ऐंठन, दर्द, सूजन और थकान आदि पूरी गर्भावस्था के दौरान महसूस होते हैं।

नौवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 9th week of pregnancy in Hindi

इस सप्ताह में आपका बच्चा भ्रूणावस्था से गर्भस्थ शिशु की अवस्था में पहुंच जाता है। शिशु आठवें हफ्ते से सिर्फ एक इंच और लम्बा होता है और शिशु भार में अभी भी तीन ग्राम के आसपास (आठवें सप्ताह के बराबर) ही होता है।
आपके बच्चे की अधिकांश शारीरिक बनावट बन जाती है, जैसे सिर, पैर और हाथ आदि। उसके सिर का ऊपरी हिस्सा सबसे बड़ा होता है। 
नौवें सप्ताह के दौरान आपके बच्चे का वजन बढ़ना शुरू होता है। चौथे, पांचवे हफ्ते में उपस्थित पूंछ पूरी तरह से गायब हो जाती है और शारीरिक अंग और मांसपेशियां काम करना शुरु कर देती हैं।
उसकी पलकें जुड़ जाती हैं जिससे गर्भावस्था के अगले 27 हफ़्तों के दौरान वे एक साथ बंद होने और खुलने लगती हैं। जननांग भी विकसित होने लगते हैं लेकिन डॉक्टर अभी उन्हें नहीं देख पाएंगे। ठीक प्रकार से वे दूसरी तिमाही के दौरान नज़र आएंगे।
आपके बच्चे का हृदय भी चार कक्षों में विभाजित होता है और उनमें रक्त तेजी से पंप भी होने लगता है। 

नौवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 9th week of pregnancy in Hindi

भ्रूण इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में नीचे की ओर और उसका सिर बाईं ओर दिखाई देता है। इस तरह (Angle) से देखने पर उसके हाथ-पैरों को नहीं देखा जा सकता, लेकिन बच्चे के पेट से जुड़ी हुई गर्भनाल देखी जा सकती है। बच्चे के चारों ओर विकसित एम्नियोटिक द्रव भी इस सोनोग्राफी (अल्ट्रासाउंड) में दिखाई देता है। 

नौवें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 9th week of pregnancy in Hindi

यदि आप प्रेगनेंसी के इस हफ्ते में, गर्भावस्था तनाव और चिंता से जूझ रही हैं, तो इनसे दूर रहने के उपाय जैसे स्वयं को व्यस्त रखें, संगीत सुने, घूमे फिरें आदि कर सकती हैं। आजकल प्रेगनेंसी क्लासेज का प्रचलन है, आप उनमें भी जा सकती हैं। उनमें गर्भावस्था के दौरान करने वाले व्यायाम, इस दौरान खान पान की आदतों, जीवन शैली में करने वाले परिवर्तनों आदि के बारे में बताया जाता है। ऐसा करने से आपको इस दौरान महसूस होने वाली समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी। इन क्लासेज या सेंटर का पता आप इंटरनेट के माध्यम से लगा सकती हैं।
ये समझने में मदद मिलेगी कि आप इस समय किन चीज़ों से गुज़र रही हैं। ऐसा करने से अन्य कामों में वो आपकी स्थिति को समझते हुए आपकी मदद भी करेंगे।
लेकिन ये ध्यान में रखिये कि इस दौरान महसूस होने वाले सभी लक्षण पूरी तरह से सामान्य होते हैं उनके बारे में चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। 

प्रेगनेंसी के नौवें हफ्ते का डाइट प्लान – Diet plan for 9th week of pregnancy in Hindi

आपकी गर्भावस्था का हर हफ्ता एक नई चुनौती के साथ आता है और उन चीजों का सामना करने के लिए, आपको अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अपने आहार में परिवर्तन करने की आवश्यकता होती है। 9 से 12 सप्ताह तक का समय आपके बच्चे की संरचना का समय होता है। आपकी गर्भावस्था में विटामिन बी और मैग्नीशियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसी वजह से इन पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थ आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं। मैग्नीशियम आपके बच्चे की हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

विटामिन बी 6 आपके शरीर में स्टोर खाद्य पदार्थों से ऊर्जा का उपयोग करने में मदद करता है। ब्राउन राइस, बिना चर्बी के मांस, मुर्गा, मछली और एवोकाडो, विटामिन बी 6 के कुछ अच्छे स्रोत हैं। इन्हें अपने आहार में शामिल करें।
विटामिन बी 12, गर्भावस्था के दौरान एनीमिया की संभावना को कम करता है और आपके तंत्रिका तंत्र की रक्षा करता है। विटामिन बी 12 के लिए, आप अपने दैनिक आहार में सोया मिल्क और अनाज शामिल कर सकती हैं। 
मैग्नीशियम आपके बच्चे के विकास के लिए फायदेमंद होता है और बच्चे का सही वजन बनाए रखने में मदद करता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मूली के पत्ते, सरसों के साग, मेथी के पत्ते, सूखे मेवे, डेयरी उत्पाद, मछली और मांस आदि मैग्नीशियम के स्रोत हैं। 
इस चरण के दौरान तरल पदार्थों पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी होता है और भारत में, स्वास्थ्य सम्बन्धी पेय पदार्थों में बहुत सारे विकल्प होते हैं, जैसे आम का पना, जल जीरा, अदरक की चाय और टमाटर का सूप आदि। लेकिन कोशिश करें कि ये सब भी घर पर ही बनाएं।

गर्भावस्था का आठवां सप्ताह – Pregnancy 8th week in Hindi

गर्भावस्था के आठवें सप्ताह के दौरान कई सारी चीज़ें होती हैं। यद्यपि कई महिलाएं छठे और सातवें सप्ताह के दौरान डॉक्टर के साथ पहली अपॉइंटमेंट निश्चित करती हैं लेकिन कई बार चिकित्सक इस अपॉइंटमेंट के लिए आठवें सप्ताह या दो बार पीरियड्स न होने तक का इंतजार करने की सलाह देते हैं। उसके बाद ही जांच आदि कराने की सलाह देते हैं। 

डॉक्टर के साथ पहली अपॉइंटमेंट आगे होने वाली बाकी अपॉइंटमेंट्स की तुलना में थोड़ा अधिक समय लेती है, क्योंकि डॉक्टर आपसे कई कागजी जानकारियां भरवाते हैं साथ ही आपके बहुत सारे सवालों का जवाब भी देते हैं फिर आपका अल्ट्रासाउंड भी करते हैं, ताकि आप अपने बच्चे को देख सकें।
अल्ट्रासाउंड से बच्चे के दिल की धड़कन का भी पता चलता है। यदि आप जुड़वां बच्चों की माँ बनने वाली है तो इसका पता भी उससे लग जायेगा। यह आपके बच्चे को जन्म के बाद जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त होगा। इस हफ्ते तक आप पहली तिमाही आधी पार कर चुकी होती हैं।

आठवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes in 8th week of pregnancy in Hindi

आठवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 8th week of pregnancy in Hindi

आठवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound of 8th week pregnancy in Hindi

आठवें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 8th week of pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के आठवें हफ्ते का डाइट प्लान – Diet plan for 8 week pregnancy in Hindi

आठवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes in 8th week of pregnancy in Hindi

जैसे जैसे आठवां सप्ताह आता और जाता है, आपके शरीर में बहुत से भीतरी परिवर्तनों के साथ बाहरी बदलाव भी होने लगते हैं। जैसे जैसे बच्चा बढ़ता है आपका गर्भाशय भी बढ़ता जाता है और इस हफ्ते में बच्चा एक अंगूर के आकार का होता है। 

इस समय आपके स्तन अधिक संवेदनशील हों लगेंगे क्योंकि वे स्तनपान कराने के लिए तैयार हो रहे होते हैं। वेरीकोज वेन्स (Varicose veins- स्तनों की त्वचा की ऊपरी सतह पर रक्त आपूर्ति में वृद्धि होने के कारण उभरी हुयी दिखाई देती हैं) भी दिखाई दे सकती हैं। 

ये नसें सभी महिलाओं को तो नहीं लेकिन कुछ में ज़रूर दिखाई देती हैं। अपने शरीर के अंदर हार्मोनों में परिवर्तन होने के कारण, एरियोला (Areola- निपल्स के चारों ओर की त्वचा) और निपल्स का रंग सामान्य से अधिक गहरा हो जाता है। मोंटगोमरी ट्यूबरकल (Montgomery tubercles- एरियोला की सतह पर उपस्थित छोटी ग्रंथियां) भी विकसित होती हैं और निपल्स अधिक बड़े होने लगते हैं।

आठवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 8th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के आठवें सप्ताह में कई विशेष चीज़ें होती हैं। सर्वप्रथम तो आपका बच्चा अब भ्रूण (Embryo) से गर्भस्थ शिशु (Fetus) कहलाने लगेगा। इस समय भ्रूण की पूंछ भी गायब होनी शुरू हो जाती है।
इस सप्ताह का शिशु लोबिया के दाने जितना बड़ा और लगभग तीन ग्राम का होता है। उसकी आंतों का भी विकास होने लगता है और ये फैलकर 12वें सप्ताह तक गर्भनाल तक पहुंच जाती है। हालांकि ये दिखाई नहीं देता साथ ही उसके अंडकोश या अंडाशय में जननांगों का बनना भी शुरू हो जाता है। इस दौरान हड्डियों में मज़बूती आने लगती है और कोहनी, कलाई तथा अन्य जोड़ आकार लेने लगते हैं। 

पैर और हाथों की उंगलियां अलग होना शुरू कर देती हैं अर्थात यदि आप अल्ट्रासाउंड में पास से देखेंगी तो आपको हाथ और पैरों की पूरी बीस उंगलियां दिखाई देंगी।
चेहरे की चीज़ें जैसे नाक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, कान बढ़ रहे होते हैं और आंतरिक और बाहरी विकास भी होता है। शिशु का जबड़ा और मुंह भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं।

आठवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound of 8th week pregnancy in Hindi

इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड की छवि में, भ्रूण पीठ के बल लेटा हुआ दिखाई देता है और उसका सिर स्क्रीन के दायीं ओर होता है। इस दौरान आप देख सकती हैं कि उसके मस्तिष्क का विकास होने के कारण उसका सिर पहले की अपेक्षा बड़ा हो गया है। उसका मस्तिष्क तीन मुख्य भागों में विभाजित होता है: अग्रमस्तिष्क (Forebrain), मध्यमस्तिष्क (Midbrain) और पश्‍चमस्तिष्क (Hindbrain)। पिछले हफ्ते की तरह, पश्‍चमस्तिष्क भ्रूण के सिर के पीछे एक बिंदु के रूप में दिखाई देता है।

आठवें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 8th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के 8वें सप्ताह में बच्चे या अपने भविष्य के साइज के अनुसार कपड़े खरीदने से पहले अपने लिए दो मातृत्व ब्रा (प्रेगनेंसी में स्तनों के आकार में बदलाव आने के अनुसार) खरीदें। जब आप मातृत्व ब्रा खरीदने जाती हैं, तो अपने स्तनों के सामान्य आकार से एक या दो सेंटीमीटर अधिक साइज की ब्रा खरीदें। हालांकि प्रत्येक महिला की विकास दर अलग होगी इसलिए अपने शरीर के अनुसार ही खरीददारी करें।
आठवें सप्ताह के दौरान एक और खरीददारी भी आप कर सकती हैं, अगर आपने नहीं की है तो प्रेगनेंसी की किताबें खरीदें। इन पुस्तकों को पढ़ने से आपको होने वाले अनुभवों और शारीरिक परिवर्तनों को समझने में सहायता मिलेगी। अपने साथ साथ अपने साथी को भी ये किताबें पढने के लिए बोलें जिससे उन्हें भी ये अनुभव महसूस हों। 

गर्भावस्था के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दवाओं के रूप में विटामिन का सेवन करती रहें। क्योंकि इन विटामिन में आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जो आपके और आपके बच्चे को आवश्यक होते हैं।

प्रेगनेंसी के आठवें हफ्ते का डाइट प्लान – Diet plan for 8 week pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में 10 कैलोरी/दिन आवश्यक होती है। पोषक तत्वों की बात करें तो आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फोलिक एसिड, आयोडीन आदि का सेवन उचित अनुपात में करना भी बहुत ज़रूरी होता है। अपने आहार में प्रत्येक पोषक तत्व शामिल करें और साथ ही डॉक्टर द्वारा दी गयीं दवाओं का सेवन भी करें क्योंकि इस समय आवश्यक सभी विटामिन की पूर्ति केवल आहार से नहीं की जा सकती। 

कैफीन युक्त चीज़ों का सेवन कम से कम करें।
ओमेगा 3 फैटी एसिड से समृद्ध खाद्य पदार्थ खाएं ये आपके शिशु के मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
कैल्शियम और विटामिन डी शिशु के दांतों और हड्डियों के विकास के लिए ज़रूरी होता है।
सलाद, रोटी, चावल, अंकुरित अनाज, हरी सब्ज़ियां और सूखे मेवे खाएं।