गर्भावस्था का तेरहवां सप्ताह – Pregnancy in 13th week in Hindi

गर्भावस्था के तेरहवें सप्ताह तक आते आते आपकी पहली तिमाही पूरी हो चुकी होती है और तेरहवें हफ्ते में आप दूसरी तिमाही में प्रवेश कर जाती हैं। लेकिन अभी भी आपको काफी लम्बा समय निकालना है इसलिए स्वस्थ रहने के लिए सही खाना खाएं और उसी अनुसार व्यायाम करें ताकि आप गर्भावस्था के लक्षणों से निपट सकें। दूसरी तिमाही का समय औसतन 13वें सप्ताह से 28वें सप्ताह तक गिना जाता है जो लगभग चौथे, पांचवे और छठे महीने का समय होता है। ‘लगभग’ इसलिए क्योंकि कुछ महीनों में 4 हफ्ते होते हैं और कुछ में पांच।

तेरहवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes in 13th week of pregnancy in Hindi

अब आपके मूत्राशय पर दबाव पड़ना कम हो जायेगा क्योंकि गर्भाशय आपके पेल्विक हड्डियों से ऊपर आ जाता है। जैसे जैसे आपकी कमर मोटी होती है मूत्राशय पर दबाव पड़ना भी कम हो जाता है लेकिन इस कारण आप पेट में दर्द हो सकता है।

आप निचले पेट और जननांगों में भी दर्द का अनुभव कर सकती हैं। यह दर्द अधिक गंभीर हो सकता है ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे संबंधित कोई भी सवाल डॉक्टर से पूछने में संकोच करने की ज़रूरत नहीं है।
यदि ये दर्द रक्तस्राव, तरल पदार्थों की कमी या किसी अन्य प्रकार की शारीरिक कमी के कारण होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेनी चाहिए, क्योंकि यह मिस्कैरेज आदि के लक्षण भी हो सकते हैं।

छाती और गले में जलन का अनुभव भी हो सकता है। स्तनों में वृद्धि और कोलोस्ट्रम का उत्पादन होने के कारण वे बेहद संवेदनशील हो जाते हैं। स्तनों की दुग्ध ग्रंथियों का विकास होता है क्योंकि वे दुग्ध का उत्पादन करने के लिए तैयार हो रहे होते हैं।

13वें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 13th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के तेरहवें सप्ताह के आने और जाने के दौरान आपमें और बच्चे में कई महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं। शिशु लगभग तीन इंच लंबा और 20-22 ग्राम के बीच का वजन होता है।
अब भी गर्भाशय के अंदर शिशु के बढ़ने के लिए काफी जगह होती है और वो एक नवजात बच्चे की तरह दिखने लगता है। उसकी आँखें अपना स्थान ले रही होती हैं अर्थात वो एक दूसरे के पास आ जाती हैं और उसकी भौहें भी बनने लगती हैं। जैसे जैसे बच्चा बढ़ रहा होता है उसके पेट में आंतें भी अपने उचित स्थान पर आने लगती हैं।

अग्नाशय (Pancreas) से इंसुलिन का उत्पादन होने लगता है जो प्रसव के बाद और बाद के जीवन में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। हड्डियों में कठोरता आने लगती है इसके लिए आवश्यक पोषक तत्व जैसे विटामिन, खनिज, वसा, प्रोटीन और ऑक्सीजन आदि प्लेसेंटा मुहैया (Provide) कराता है।
प्लेसेंटा के माध्यम से माँ से बच्चे में रक्त संचरण होता है। इस हफ्ते के अंत तक बच्चे की आंतें भी कार्य करना शुरु कर देती हैं।

तेरहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound of 13 week pregnancy in Hindi

इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में बच्चा पीठ के बल बाईं तरफ झुका हुआ दिखाई देता है और उसका सिर दायीं ओर होता है। उसके पैर ऊपर की ओर, घुटनों पर मुड़े हुए दिखाई देंगे। उपर्युक्त चित्र में जो लाइन दिखाई दे रही है वो सोनाोग्राफर के लिए मापक है। इसी के द्वारा वो बच्चे की लम्बाई और उम्र आदि का पता करते हैं।

13वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Pregnancy tips for week 13 in Hindi

आपके पेट, स्तन, जांघों और कूल्हों के आसपास खिंचाव के निशान पड़ने शुरु हो जायेंगे। अगर वजन धीरे-धीरे बढ़े तो खिंचाव के निशान कम पड़ने की संभावना होती है, इसलिए इस दौरान सही प्रकार से संतुलित आहार लेना बहुत ज़रूरी है।

खिंचाव के निशानों से छुटकारा पाने के लिए किसी भी लोशन या क्रीम के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लें।

इस समस्या से निजात पाने के लिए कई महिलाएं बेबी ऑयल का उपयोग करती हैं। स्नान करने के तुरंत बाद इस तेल से ऊपर लिखे गए सभी क्षेत्रों पर अच्छी प्रकार मालिश करें।

प्रेगनेंसी के तेरहवें हफ्ते की डाइट – Diet during 13th week of pregnancy in Hindi

इस समय आप विभिन्न प्रकार के फलों का सेवन कर सकती हैं लेकिन बेहतर होगा अगर आप आयरन और कैल्शियम समृद्ध खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें। आयरन एक ऐसा खनिज है जो रक्त से संबंधित कई समस्याओं को सही करता है जो गर्भावस्था के दौरान और भी आवश्यक है। यह लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करता है और ऑक्सीजन के प्रवाह को नियंत्रित करता है। कैल्शियम आपको स्वस्थ तो रखता ही है साथ ही आवश्यक ऊर्जा भी प्रदान करता है। 

नाश्ते में अनाज, टोफू, सोया और सोया से बने खाद्य उत्पाद, सूखे मेवे और नट्स, मसूर की दाल और कई अन्य खाद्य पदार्थ चीज़ें शामिल करें।
आप आयरन के अवशोषण के लिए विटामिन सी समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकती हैं, जैसे संतरे का रस, नींबू पानी आदि।
कैफीन युक्त उत्पादों का सेवन कम से कम करें क्योंकि यह आयरन के अवशोषण को रोकता है।
कैल्शियम की पूर्ति डेयरी उत्पादों से आसानी से की जा सकती है।

गर्भावस्था का बारहवां सप्ताह – Pregnancy 12th week in Hindi

बारहवां हफ्ता गर्भवती महिला के लिए एक महत्वपूर्ण सप्ताह होता है। इस हफ्ते पहली तिमाही के साथ ही आपके बच्चे की वृद्धि तथा विकास के महत्वपूर्ण चरण का भी अंत हो जाता है। तीन महीने (12 हफ़्तों) की प्रेगनेंसी पूरी होने के बाद अधिकतर गर्भवती महिलाएं ये खबर सबको सुनाने में अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। अगर माँ सही खाना खाती हैं, स्वस्थ रहती हैं, व्यायाम करती हैं और सभी चिकित्सकों के आदेशों का पालन करती हैं तो इस चरण में आने के बाद मिसकैरेज की संभावना भी कम हो जाती है।

बारहवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes during 12th week of pregnancy in Hindi

बाहरवें हफ्ते में आपका गर्भाशय प्यूबिक हड्डी के ऊपर निकलने लगता है और 12-16 हफ्तों के बीच आपका पेट निश्चित रूप से दिखाना शुरू हो जायेगा।
कुछ महिलाओं का चेहरा तो खिल जाता है लेकिन कुछ को उनकी त्वचा में अधिक नकारात्मक परिवर्तन महसूस होते हैं। एरियोला (Areola) और निपल्स का रंग सामान्य से अधिक गहरा हो जाता है और शरीर पर झाई और दाग धब्बे दिखाई देते हैं।

दुर्भाग्यवश इस हफ्ते कुछ महिलाओं के चेहरे पर गहरे भूरे रंग के धब्बे पड़ने लगते हैं। हालांकि विटामिन ए का अधिक मात्रा में सेवन करने से इसका इलाज किया जा सकता है लेकिन प्रेगनेंसी में विटामिन ए का अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करना अन्य चीजों के अलावा लिवर को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में वृद्धि के कारण छाती में जलन होती है जो दिन पर दिन बढ़ती है।

आपके शरीर में अतिरिक्त रक्त बनने की वजह से आपकी हृदय गति बढ़ सकती है। आपके कूल्हे गर्भाशय के विकास के लिए और अधिक बढ़ बढ़ेंगे।
सीने की जलन को कम करने के लिए, आप थोड़ी थोड़ी मात्रा में अधिक बार भोजन करने की कोशिश कीजिये। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें जो आमतौर सीने की जलन होने का कारण बनते हैं या उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ होते हैं।

बारहवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 12th week of pregnancy in Hindi

यह हफ्ता आपके बच्चे के लिए एक बहुत ही रोमांचक होता है। इसी हफ्ते के दौरान उसमें स्वरतंत्र (Vocal cords) विकसित होते हैं। उसकी हाथ और पैर की पूरी 20 उंगलियां और उन पर नाखून दिखाई देने लगते हैं और आंतें विकासशील होती हैं।
इस सप्ताह से चेहरे की बनावट समझ में आने लगती है जैसे कि भौहें और होंठ आदि। मस्तिष्क के विकास के साथ साथ उसके हार्मोनों का भी विकास होने लगता है क्योंकि मस्तिष्क अपने हार्मोन स्वयं बनाता है और तंत्रिका कोशिकाएं तेजी से वृद्धि करती हैं। मासपेशियां, मस्तिष्क के प्रति प्रतिक्रिया करना शुरू कर देती हैं।

जैसे जैसे मस्तिष्क और मांसपेशियां एक साथ विकसित होती हैं बच्चा हाथ मोड़ना, मुट्ठी खोलना और बंद करना तथा कलाई और कोहनी को घुमाना आदि शुरु कर देता है।

बारहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound of 12th week pregnancy in Hindi

इस सप्ताह के अल्ट्रासाउंड में बच्चे का सिर दाहिनी ओर होता है और आप उसके चेहरे की बनावट अधिक स्पष्ट रूप से देख पाएंगी जैसे आप एक नवजात शिशु में देखने की उम्मीद करती हैं। विकासशील बच्चे का एक हाथ उसके चेहरे पर होता है जैसे कि वो अपनी आंखें छुपा रहा हो।

बारहवें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 12 week pregnancy in Hindi

बारहवें सप्ताह के दौरान महिला का स्वयं और अपने बच्चे का ख्याल रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान गर्भावस्था के परेशान कर देने वाले लक्षण जैसे थकान, मॉर्निंग सिकनेस, और मतली आदि खत्म होने लगते हैं।

यह एक अच्छा संकेत है। इसका मतलब होता है कि प्रेगनेंसी अच्छी तरह से चल रही है। यदि ये लक्षण दूर या कम नहीं होते हैं तो आपको अपने डॉक्टर को इस बारे में बताना चाहिए क्योंकि यह मोलर प्रेगनेंसी (Molar pregnancy) का संकेत भी हो सकता है जो कि एक असामान्य गर्भावस्था होती है खासकर तब जब इसमें रक्तस्राव या स्पॉटिंग होती है।

मोलर प्रेगनेंसी का अर्थ है गर्भाशय में सिस्ट या अल्सर बनना। ऐसा प्लेसेंटा के असामान्य विकास के कारण होता है और गर्भावस्था के इस चरण में मिसकैरेज होने का प्रमुख कारण बनता है।

प्रेगनेंसी के बारहवें हफ्ते की डाइट – Diet during 12th week of pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के 12 वें सप्ताह तक के समय का डाइट प्लान 9वें, 10वें और 11वें सप्ताह के समान ही होता है। कैल्शियम, विटामिन बी और मैग्नीशियम आदि पोषक तत्व आपके और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक होते हैं। मैग्नीशियम बच्चे की हड्डियों को मज़बूत बनाने में मदद करता है।

विटामिन बी12, का इस दौरान अधिक से अधिक सेवन करें।
पेय पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। अदरक की चाय, आम का पना, जल जीरा और टमाटर का सूप आदि भी पेय पदार्थों के बेहतर विकल्प हैं। 

मैग्नीशियम आपके बच्चे का सही वजन बनाए रखने में मदद करता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, सूखे मेवे, डेयरी उत्पाद, मछली और मांस आदि मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।
विटामिन बी6 आपके शरीर में स्टोर खाद्य पदार्थों से ऊर्जा का उपयोग करने में मदद करता है। उनका अधिक से अधिक सेवन करें।

प्रेग्नेंसी का ग्यारहवां हफ्ता – Pregnancy 11th week in Hindi

गर्भावस्था के ग्यारहवें सप्ताह के दौरान, माँ और बच्चे में कई बदलाव होते हैं। माँ शायद इस हफ्ते तक बच्चे के दिल की धड़कन सुन चुकी होती हैं और गर्भावस्था के कुछ लक्षण जैसे मॉर्निंग सिकनेस आदि समाप्त हो जाते हैं। गर्भवती महिला को इस सप्ताह से काम कम और रात में घर से बाहर निकलकर सैर करनी चाहिए।

ग्यारहवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes during 11th week of pregnancy in Hindi

ग्यारहवें सप्ताह से लोग आपको देखकर बोलने लगेंगे कि आप गर्भवती हैं, क्योंकि आपके शारीरिक बदलाव इस सप्ताह से नज़र आने लगेंगे। आपका वज़न बढ़ने लगेगा, स्तन सामान्य से अधिक बड़े और असहज हो जायेंगे और आपका पेट भी इस हफ्ते से दिखाई दे सकता है।
प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ने के कारण आपकी आंतों की कार्य करने की क्षमता में कमी आती है जिसकी वजह से शरीर के अपशिष्ट पदार्थ ठीक प्रकार से बाहर नहीं निकल पाते और पेट फूलने की समस्या हो जाती है। इस कारण इस चरण में कब्ज आदि की समस्या होती है।
हालांकि, कुछ महिलाओं में यह समस्या शुरुआत में नहीं होती है। 

इस दौरान आप अपने बालों, पैरों और हाथों के नाखूनों में भी बदलाव देख सकती हैं, जो अत्यधिक तेज़ी से बढ़ रहे होते हैं। ये सब भी हार्मोन में अचानक से वृद्धि होने के कारण होता है। गर्भावस्था किसी न किसी तरह से आपके शरीर की हर कोशिका को प्रभावित करती है।
ज्यादातर महिलाएं इस सप्ताह से पेट में होने वाली हलचल की तुलना बच्चे की गतिविधियों से कर लेती हैं, लेकिन वास्तव में यह हलचल आपके पाचन तंत्र में गैस बनने के कारण होती है न कि बच्चे के हिलने डुलने के कारण। हॉट फ्लैशेस या सामान्य से अधिक गर्मी लगना इस सप्ताह के लिए सामान्य है। ऐसा आपके शरीर में रक्त की मात्रा में वृद्धि होने के कारण होता है। 

जैसे जैसे पहली तिमाही का अंत समय निकट आता है, ज्यादातर महिलाओं का वज़न लगभग एक से दो बढ़ जाता है।

ग्यारहवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 11th week of pregnancy in Hindi

आपका बच्चा इस समय तक 2½ इंच लंबा और वजन में लगभग 14 ग्राम का हो चुका होता है। उसका सिर शरीर के आकार का लगभग आधा होता है।
हाथ और पैर की उंगलियां एक दूसरे से पूरी तरह से अलग हो जाती हैं। बच्चे की हड्डियां सख्त और मज़बूत होने लगती हैं, लेकिन उसकी त्वचा अभी भी पारदर्शी होती है। शिशु बहुत सक्रिय हो जाता है लेकिन वह अभी भी मां को गतिविधियां महसूस कराने के लिए बहुत छोटा होता है।

एम्नियोटिक द्रव (Amniotic fluid) से घिरे होने के बावजूद शिशु निगलना सीख लेता है। अन्य अंगों का विकास हो रहा होता है और उनमें से कुछ कार्य भी करने लगते हैं। अगले तीन हफ्तों में बच्चा आकार में दोगुना हो जायेगा।
आपके बच्चे को पोषक तत्वों और ऑक्सीजन पहुंचने के कारण प्लेसेंटा में अधिक रक्त वाहिकाएं दिखाई देंगी ताकि शिशु जल्द से जल्द विकास करे। कान आदि अन्य अंग सही स्थिति में आ जाते हैं।

ग्यारहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound of 11th week pregnancy in Hindi

बच्चा अल्ट्रासाउंड में पीठ के बल लेता हुआ दिखाई देता है और उसका सिर बाईं ओर और उसके पैर ऊपर की ओर दिखाई देते हैं। इसमें आप देख सकेंगी कि उसकी गर्दन पहले से बड़ी होकर उसके शरीर और सिर में अंतर पता लगाने में मदद करती है। उसका सिर अभी उसके शरीर के आकार का 50% से अधिक भाग बनाता है, जो सामान्य है। चेहरे की हड्डियों को फिर से सफेद चमकदार क्षेत्रों के रूप में देखा जा सकता है।

ग्यारहवें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for pregnancy week 11 in Hindi

अगर गर्भवती होने से पहले आपका वजन कम या अधिक होता है तो डॉक्टर आपको पहली तिमाही के दौरान क्रमशः वज़न बढ़ाने और घटाने के लिए कहते हैं। अपने बच्चे को उचित पोषक तत्व देने के लिए अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।

यदि पहली तिमाही के अंत तक आपका वज़न दो किलोग्राम से भी अधिक बढ़ गया है तो आपको अपने खाने की आदतों में थोड़े से बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए। क्योंकि बच्चे के स्वास्थय के लिए एक दिन में केवल 300 अतिरिक्त कैलोरी का सेवन करने की ज़रूरत होती है।

पूरी गर्भावस्था के दौरान सामान्य भार वाली किसी महिला का 11 किलो तक का वज़न बढ़ना, गर्भावस्था वजन में अच्छी वृद्धि मानी जाती है।

प्रेगनेंसी के ग्यारहवें हफ्ते की डाइट – Diet in 11th week of pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के 11 वें सप्ताह तक के समय का डाइट प्लान 9वें और 10वें सप्ताह के समान ही होता है। विटामिन, कैल्शियम और मैग्नीशियम आदि पोषक तत्व मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होते हैं।

विटामिन बी6 आपके शरीर में स्टोर खाद्य पदार्थों से ऊर्जा का उपयोग करने में मदद करता है। मुर्गा, मछली और एवोकाडो आदि विटामिन बी 6 के अच्छे स्रोत हैं। 
पालक, मूली के पत्ते, सरसों के साग, मेथी के पत्ते, सूखे मेवे, डेयरी उत्पाद, मछली और मांस आदि मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।
पेय पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। पानी के आलावा पेय पदार्थों में जल जीरा, अदरक की चाय और टमाटर के सूप आदि का सेवन करें।
विटामिन बी12 के लिए, आप अपने आहार में सोया मिल्क और अंकुरित अनाज आदि शामिल कर सकती हैं। ये इस दौरान खून की कमी नहीं होने देते। 

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