गर्भावस्था का सोलहवां सप्ताह – Pregnancy in 16th week in Hindi

दूसरी तिमाही के दौरान आपको कई परीक्षण कराने होते हैं ये जानने के लिए कि कहीं प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है। अगर बच्चे में कोई गुणसूत्र सम्बन्धी असामान्यता (Chromosomal abnormality) होती है तो इन परीक्षणों से उसका पता लगाया जा सकता है। इसलिए अपनी प्रसवपूर्व जांचें समय समय पर करवाती रहें।

दूसरी तिमाही को कभी कभी गर्भावस्था की “”हनीमून अवस्था”” भी कहा जाता है। आप स्वयं महसूस करेंगी कि आपको पिछले हफ्तों की तुलना में इस हफ्ते अधिक नींद आने लगेगी और अधिक सोने लगेंगी।

16वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 16th week of pregnancy in Hindi

सोलहवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 16th week of pregnancy in Hindi

सोलहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 16th week of pregnancy in Hindi

16वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 16th week of pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के सोलहवें हफ्ते की डाइट – Diet during 16th week of pregnancy in Hindi

16वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 16th week of pregnancy in Hindi

16वें सप्ताह में आपके शरीर और स्तनों के आकार में काफी परिवर्तन आता है। दुग्ध ग्रंथियों में दुग्ध का उत्पादन शुरू हो जाता है और रक्त प्रवाह बढ़ने के कारण नसें अधिक दिखाई देने लगती हैं।

इस हफ्ते आपके गर्भ के वज़न में वृद्धि होगी साथ ही खिंचाव के कारण कमर भी बढ़ने लगेगी। गर्भावस्था में होने वाला पीठ दर्द होना शुरू हो जायेगा क्योंकि ज्यादातर महिलाओं का वज़न इस समय तक 2.2 किग्रा – 4.5 किग्रा तक बढ़ जाता है।

इस हफ्ते की प्रसव पूर्व जांच में डॉक्टर आपको अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कह सकते हैं जिससे आनुवंशिक दोषों का पता लगाया जा सके।
आपके डॉक्टर आपको इस समय से पीठ के बल सोने के लिए मना कर सकते हैं। इसका मतलब है अब से आपको शरीर को सहारा देने के लिए अतिरिक्त तकियों का उपयोग करना शुरु कर देना चाहिए। इसके लिए बाजार में विशेष रूप प्रेगनेंसी के लिए तैयार की गयी कई प्रकार की तकियां आती हैं आप उन्हें भी खरीद सकती हैं।

सोलहवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 16th week of pregnancy in Hindi

16वें सप्ताह तक आपका बच्चा पहले से 4 ¾ (पौने पांच) इंच लंबा और वजन करीब 110 ग्राम तक हो जाता है। चेहरे की मांसपेशियां विकसित होती रहती हैं और वो पहले से और अधिक चेहरे बनाने लगता है।
इस सप्ताह के अल्ट्रासाउंड में डॉक्टर को बच्चे का लिंग भी पता लग जाता है लेकिन आप ये जानने की कोशिश बिलकुल भी न करें क्योंकि भारत में बच्चे का लिंग जानने पर रोक लगी है। और ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर सजा भी निश्चित है। जननांग पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं और सोनोग्राम के दौरान आसानी से देखे भी जा सकते हैं।

जैसा जैसे आपका बच्चा बढ़ता जाता है आपको उसकी गतिविधियां महसूस होने लगेंगी। ये गतिविधियां सबसे पहले 16 से 20 सप्ताह के बीच ही महसूस की जाती हैं। इस समय दृश्य संवेदनशीलता अर्थात बच्चे के देखने की शक्ति भी विकसित होने लगती है।
बच्चे की त्वचा के नीचे वसा का निर्माण होना भी शुरू हो जाता है, जो त्वचा की सुरक्षा करता है। मूत्र और रक्त परिसंचरण का कार्य होने लगता है और आपका बच्चा रोजाना लगभग 25 क्वार्टज़ (Quarts) रक्त पंप करने में सक्षम हो जाता है।

सोलहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 16th week of pregnancy in Hindi

इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में बच्चे के चेहरे की आकृतियां और अधिक होती जाती हैं। सोनोग्राफर बच्चे की नाक की हड्डी की लंबाई माप सकते हैं।

इससे कुछ आनुवंशिक असामान्यताओं का पता लगाने में मदद मिलती है। शिशु अपने हाथों से तेज़ रोशनी से अपनी आंखों की रक्षा करने लगता है। इस सप्ताह से बच्चे के सिर पर बाल भी आने लगते हैं।

16वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 16th week of pregnancy in Hindi

इस सप्ताह की अपॉइंटमेंट के दौरान, डॉक्टर से महसूस होने वाले डर, भावनाएं, दर्द या अन्य लक्षणों के बारे में निःसंकोच बात करें।

इस अवस्था में सामान्य रूप से आपके शरीर में दोनों तरफ की मांसपेशियों में तेज दर्द महसूस हो सकता है। लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए कि ये दर्द मांसपेशियों का दर्द ही है या और कोई गंभीर समस्या, आपको डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करना चाहिए।
स्तनों के आकार में वृद्धि होने के कारण आपको अधिक आरामदायक ब्रा और मातृत्व कपड़ों की आवश्यकता हो सकती है। 
यदि अभी तक बच्चे का नाम सोचना शुरु नहीं किया है तो अब से इसकी शुरुआत कर दें।

प्रेगनेंसी के सोलहवें हफ्ते की डाइट – Diet during 16th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था में आयरन, विटामिन और कैल्शियम, मैग्नीशियम समृद्ध खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। हालांकि गर्भावस्था के 16वें हफ्ते की डाइट 13वें, 14वें और 15वें हफ्ते की डाइट के समान ही होती है। आयरन का सेवन करने से खून की कमी नहीं होती क्योंकि इस दौरान अधिकतर महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हो जाती हैं क्योंकि रक्त का प्रवाह बच्चे की ओर भी होने लगता है। 

इस हफ्ते से कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करें।
फलों और विटामिन सी समृद्ध खाद्य पदार्थों का भी सेवन करें।
नाश्ते में अनाज, टोफू, सूखे मेवे, नट्स, मसूर की दाल आदि अन्य चीज़ों का सेवन करें। 

गर्भावस्था का पन्द्रहवां सप्ताह – Pregnancy in 15th week in Hindi

गर्भावस्था के पन्द्रहवें हफ्ते और दूसरे तिमाही के दौरान महिलाओं को थोड़ा अधिक आराम करने की ज़रूरत होती है। गर्भावस्था के खराब लक्षणों में से अधिकांश, जैसे मतली, मॉर्निंग सिकनेस और थकान आदि दिन पर दिन कम होते जाते हैं। लेकिन प्रसव से कुछ समय पहले महसूस होने वाले दर्द अभी महसूस नहीं होते इसलिए अभी आप अपनी प्रेगनेंसी का आनंद लें और किसी भी प्रकार की समस्या महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

पन्द्रहवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes in 15th week of pregnancy in Hindi

जैसा कि इस सप्ताह से पहले के लेखों में बताया जा चुका है कि पन्द्रहवें हफ्ते में आपके शरीर के भीतर होने वाले बदलाव नज़र नहीं आते हैं। लेकिन इस सप्ताह तक कई महिलाओं का वज़न लगभग 2 किलो तक बढ़ जाता है। हालांकि प्रत्येक महिला अलग अलग भर अर्जित करती है।

निर्धारित भार से थोड़ा अधिक या कम वज़न होना स्वाभाविक है। इस हफ्ते के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे कठिन स्थिति यह होती है कि गर्भाशय को सहारा देने वाली अस्थियों के बढ़ने के कारण पेट में तेज दर्द होता है।

15वें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 15th week of pregnancy in Hindi

इस हफ्ते तक आपका बच्चा पिछले हफ़्तों की अपेक्षा काफी बड़ा हो जाता है। उसका वज़न करीब 50 ग्राम और लंबाई चार इंच हो जाती है। उसके गर्भरोम (कोमल बाल या रोम) जिन्हें लैन्यूगो भी (Lanugo) कहते हैं, बच्चे के शरीर के तापमान को स्थिर रखने के लिए त्वचा को ढक लेते हैं।
गर्भरोम केवल तब तक ही रहते हैं जब तक बच्चा पैदा नहीं होता अर्थात गर्भ में रहता है इसी कारण इन्हें गर्भरोम कहते हैं और यह बच्चे के जन्म से तुरंत पहले गायब हो जाते हैं। पन्द्रहवें सप्ताह के दौरान गर्भ के अंदर कई अच्छी और नयी चीजें होती हैं।
कान की हड्डियां सख्त हो रही होती हैं और आपका बच्चा अब ध्वनि सुनने में सक्षम होता है। यहां तक कि वो मां के दिल की धड़कन, उनकी आवाज़ और सांस लेने की ध्वनि आदि भी सुनने लगता है।

महिला को अभी तक बच्चे की किक या गतिविधियां महसूस कर सकती है नहीं होती हैं। कभी कभी केवल महिला को हिचकियां आ सकती हैं। ये गतिविधियां गर्भावस्था में आगे के हफ़्तों में महसूस हो सकती हैं।
आपका बच्चा मुँह बनाने लगता है जैसे भौहें बनाना, आँखें मीचना और अंगूठा चूसना आदि। पिछले हफ्ते की अपेक्षा हाथ और पैर, सिर से ज्यादा लंबे हो जाते हैं और यह महत्वपूर्ण भी है क्योंकि अब तक भ्रूण का सबसे बड़ा हिस्सा सिर ही रहा है। स्वाद ग्रंथियों का निर्माण होने लगता है और पैर और हाथ के नाखून बढ़ने लगते हैं।

पन्द्रहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 15th week of pregnancy in Hindi

इस सप्ताह के अल्ट्रासाउंड की छवि में, बच्चे के हाथ उसके चेहरे के ऊपर होते हैं। उसकी बड़ी बड़ी हड्डियां जो उसकी खोपड़ी बनाती हैं, वे सख्त होने लगती हैं। जैसे ही ये कठोर होती जाती हैं, अल्ट्रासाउंड में ये अधिक सफेद और चमकदार दिखाई देने लगती हैं। जब तक बच्चे का जन्म नहीं होता ये आपस में सही से जुड़ती नहीं हैं।

15वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 15th week of pregnancy in Hindi

चूंकि आपका पेट अभी तक इतना नहीं बढ़ा है कि आपको उसकी वजह से परेशानी महसूस हो और न ही आपका वजन इतना ज्यादा हुआ है। आपने अभी तक नई स्थिति में चलना भी नहीं शुरु किया है। इसलिए ये सब सीखने के लिए यह सप्ताह बिलकुल उपयुक्त है। अब से आप प्रेगनेंसी में सोने का बेहतर तरीका कौन सा है, कैसे बैठने से अधिक आराम का अनुभव होगा या खड़े रहने और चलने की बेहतर मुद्रा क्या है आदि सीखना शुरु कर दें।

यदि आप अभी से अभ्यास करना शुरु कर देंगी तो गर्भावस्था में बाद में आने वाली मुश्किलों, दर्द आदि का सामना करना बहुत आसान हो जाएगा।

प्रेगनेंसी के पन्द्रहवें हफ्ते की डाइट – Diet during 15th week of pregnancy in Hindi

किसी भी हफ्ते की गर्भावस्था में आयरन, विटामिन और कैल्शियम, मैग्नीशियम समृद्ध खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। हालांकि गर्भावस्था के 15वें हफ्ते की डाइट 13वें और 14वें हफ्ते की डाइट के समान ही होती है। आयरन का सेवन करने से एनीमिया की शिकायत नहीं होती क्योंकि आयरन लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाता है और कैल्शियम आपको आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है।

नाश्ते में सोया से बने खाद्य पदार्थ, सूखे मेवे, स्प्राउट्स, मसूर की दाल आदि अन्य चीज़ों का सेवन करें।
विटामिन सी युक्त चीज़ों और फलों का सेवन करें। अधिकतर खट्टे फलों जैसे संतरे, नींबू आदि में विटामिन सी होता है।
कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करें जैसे दूध, दही, पनीर आदि। 
कैफीन का सेवन बहुत कम करें या न करें क्योंकि यह इस समय आपके और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।

गर्भावस्था का चौदहवां सप्ताह – Pregnancy in 14th week in Hindi

गर्भावस्था के चौदहवें सप्ताह के दौरान आप थोड़ा सहज महसूस कर सकती हैं क्योंकि आपका शरीर होने वाले आंतरिक परिवर्तनों के अनुसार ढल रहा होता है। इस सप्ताह के दौरान आप दूसरी तिमाही के दूसरे सप्ताह में प्रवेश करती हैं और बच्चे के विकास के लगभग महत्वपूर्ण चरण पूरे हो चुके होते हैं लेकिन अभी भी खान पान पर ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण है।

चौदहवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes in 14th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के सबसे खराब लक्षण लगभग इस समय से गायब होने लगते हैं और आपके वज़न में वृद्धि होने के साथ साथ आपकी कमर भी बढ़ने लगती है।

इस सप्ताह से आपकी भूख में वृद्धि होगी और आप सोचेंगी कि आपको शायद दो लोगों का खाना खाने की ज़रूरत है। लेकिन ध्यान रहे ऐसा भूलकर भी न करें क्योंकि इससे आपका वज़न ज़रूरत से ज्यादा बढ़ सकता है जो जोखिम का कारण बन सकता है। आपके दाग धब्बे और झाइयों के निशान अधिक गहरे हो जायेंगे और आपके स्तन दुग्ध उत्पादन की तयारी के कारण अधिक संवेदनशील होते जायेंगे।

आपके शरीर पर नए मस्से आ सकते हैं लेकिन यह सामान्य है इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। जल्दी जल्दी मूड बदलने की समस्या इस तिमाही के दौरान बढ़ जाती है। इस सम्बन्ध में अपने पति या डॉक्टर से बात करें।

14वें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास – Baby development in 14th week of pregnancy in Hindi

अंततः आपके बच्चे का शरीर भी सिर के साथ बढ़ने लगता है। कान और आँखें अपनी सही स्थिति में आ जाते हैं।
जैसे जैसे गर्दन लम्बी होती है, आपके बच्चे की ठोड़ी छाती से ऊपर होने लगती है। मासपेशियां विकसित होती रहती हैं लेकिन मां इस सप्ताह में भी बच्चे की गतिविधियां महसूस नहीं कर पाएंगी क्योंकि इसके लिए बच्चा अभी बहुत छोटा होता है।

बच्चा सभी पोषक तत्व प्लेसेंटा के माध्यम से ग्रहण करता है। इसलिए इस समय आपको अपने खान पान पर ध्यान देने की अधिक आवश्यकता है।
अल्ट्रासाउंड के दौरान आप अपने बच्चे को मुट्ठी खोलते बंद करते देख पाएंगी और उसकी उंगलियां भी एक दूसरे से पूरी तरह से से अलग हो जाएंगी। शिशु का दिल आपके दिल के धड़कने की दुगनी तेज़ी से धड़केगा लेकिन यह सामान्य प्रक्रिया है इसमें परेशां होने की ज़रूरत नहीं है।
14वें हफ्ते तक बच्चा तीन इंच लंबा और लगभग 28 ग्राम का हो जाता है। आपका बच्चा इस स्तर पर अपना अंगूठा चूसने लगेगा और उसका चेहरे की मांसपेशियों पर नियंत्रण बढ़ जाता है अर्थात वो आँखें मीचना, भौहें चढ़ाना शुरु कर देता है जैसे बड़े लोग गुस्से के समय करते हैं।

इसके अलावा बच्चे का लिवर पित्त (Bile) का जबकि तिल्ली (Spleen) लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन शुरू कर देती है।

चौदहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound of 14 week pregnancy in Hindi

इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में बच्चे का सिर दाहिनी ओर और उसके हाथ उसकी छाती पर दिखाई देते हैं। अल्ट्रासाउंड के माध्यम से आप अपने बच्चे के दिल की धड़कन भी सुन सकती हैं जो बहुत तेज़ी से धड़कती हुई सुनाई देती है।
यद्यपि कुछ माता-पिता 14 वें सप्ताह के दौरान अल्ट्रासाउंड टेस्ट के माध्यम से जननांग अंगों को देखकर अपने बच्चे के लिंग के बारे में पता लगाने का प्रयास करते हैं, लेकिन यह समय अक्सर बच्चे का सेक्स पहचानने के लिए बहुत जल्दी है। कुछ और हफ्तों बाद ही सोनोग्राफर बच्चे ला लिंग बता पाता है।

हालांकि बच्चे का लिंग जानने का प्रयास करना भी नहीं चाहिए और भारत में बच्चे का लिंग पता करना गैरकानूनी भी है। 1994 में भारत की संसद द्वारा इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी गयी है और ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर गिरफ्तार करने का आदेश भी दिया गया है।

14वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 14th week of pregnancy in Hindi

जैसा ऊपर बताया है कि आपकी भूख इस हफ्ते बढ़ती जाती है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप ठीक से खाना खाएं और आवश्यक व्यायाम सही प्रकार से करें। अगर आपको लगता है कि आपका वजन बहुत अधिक हो गया है तो आपको अपने खाने पीने में कमी करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि ऐसा करने से आपके बच्चे के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में कमी आ सकती है।

वज़न को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर के साथ चर्चा करके व्यायाम दिनचर्या शुरू करें और सुनिश्चित करें कि आप एक बार में अधिक भोजन करने के बजाय दिन में थोड़ी थोड़ी मात्रा में अधिक बार भोजन करें।

प्रेगनेंसी के चौदहवें हफ्ते की डाइट – Diet during 14th week of pregnancy in Hindi

इस समय आयरन और कैल्शियम समृद्ध खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। गर्भावस्था के दौरान आयरन का सेवन करने से खून की कमी नहीं होती क्योंकि आयरन लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करता है। कैल्शियम आपको आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। 14वें हफ्ते की डाइट 13वें हफ्ते की डाइट के समान ही होती है। 

कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करें जैसे दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ आदि।
कैफीन का सेवन कम से कम करें। 
विटामिन सी समृद्ध खाद्य पदार्थों जैसे नींबू पानी, संतरे का रस आदि का सेवन करने से आयरन की पूर्ति होती है।
नाश्ते में स्प्राउट्स, सोया, सूखे मेवे आदि अन्य चीज़ें लें।

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