गर्भावस्था का उन्नीसवां सप्ताह – Pregnancy in 19th week in Hindi

गर्भावस्था का उन्नीसवां हफ्ता माँ और बच्चे दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण सप्ताह होता है क्योंकि इस समय दोनों के अंदर कई महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं। गर्भावस्था के इस समय अर्थात दूसरी तिमाही तक आते आते, गर्भवती महिला अपनी प्रेगनेंसी और शरीर में होने वाले परिवर्तनों के साथ ताल मेल बैठा लेती है और उन्हें समझने लगती है।

19वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes in 19th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के उन्नीसवें सप्ताह में आपको अपने शरीर के बाहरी हिस्सों में अधिक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। चयापचय दर और रक्त की मात्रा में वृद्धि होने के कारण आपकी त्वचा सूखी और परतदार हो सकती है।

निर्जलीकरण या डिहाइड्रेशन होने की संभावना और गर्मी के प्रति आपकी संवेदनशीलता बढ़ जाएगी। इसलिए शरीर को पर्याप्त तरल पदार्थों की आवश्यकता होती है। इस स्थिति में पानी सबसे अच्छा स्रोत है साथ ही जितना संभव हो कैफीन से उतना दूर रहें।
कैफीन, ब्लड प्रेशर और हृदय गति बढ़ाता है और बच्चे पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। सोडा, फलों के रस और मीठी ड्रिंक्स, तरल पदार्थों की पूर्ति करने के बजाय डिहाइड्रेशन का कारण बन सकते हैं। कृत्रिम मीठी चीज़ों का सेवन भी न करें।

कोकोआ मक्खन (Cocoa butter), खिंचाव के निशान (Stretch marks) से बचाव के लिए बहुत अच्छा होता है और एक अच्छी प्रेगनेंसी डाइट भी त्वचा की समस्याओं को कम करने में मदद करती है।

उन्नीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास – Baby development in 19th week of pregnancy in Hindi

19वें हफ्ते से पहले तक आपके बच्चे को सिर से कूल्हों तक मापा जाता था, लेकिन इस हफ्ते से उसे सिर से पैर की उंगलियों तक मापा जायेगा।
अब बच्चे की लम्बाई साढ़े सात इंच और वजन लगभग 200 ग्राम हो जाता है। बच्चा पिछले हफ्ते की अपेक्षा अधिक बड़ा लगता है। उसके हाथ और पैर शरीर के अनुपात में बढ़ने लगते हैं। सिर और त्वचा पर बाल आने लगते हैं। एक चिकनी परत जिसे वर्निक्स (Vernix) कहा जाता है वो भी निर्मित होती है और त्वचा को सुरक्षा प्रदान करती है।

बच्चे की सुनने की क्षमता भी लगभग पूरी तरह से विकसित हो जाती है। यदि आपके गर्भ में पल रहा शिशु लड़की है, तो इस समय उसके अंडाशय में 6 मिलियन से भी अधिक अंडे होते हैं।
जैसे जैसे उसकी हड्डियां कठोर और मांसपेशियां मजबूत होंगी, बच्चा भी अधिक सक्रिय होता जायेगा। उसकी गतिविधियों को आप अधिक बार महसूस करेंगी लेकिन इस दौरान बच्चा प्रति दिन लगभग 20 घंटे तक सोता है। और जब मां को सोना या आराम करना होता है तब बच्चा अधिक सक्रिय हो जाता है। आप यह भी नोटिस करेंगी कि अधिक तेज़ आवाज़ या शोर से आपका बच्चा डरता भी है।

उन्नीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 19th week of pregnancy in Hindi

आपके बच्चे के पैर और बाहें विकसित हो रही होती हैं और मासपेशियां आपस में जुड़ने का कार्य करती हैं। इस सप्ताह या इसके अगले सप्ताह से आप बच्चे की हरकतों को महसूस करने लगेंगी। आपको अल्ट्रासाउंड में बच्चे की हड्डियां बिलकुल स्पष्ट दिखाई देंगी।

अल्ट्रासाउंड में बच्चे का कंकाल और हड्डियां दिखने के कई कारण होते हैं। सबसे पहली चीज़ तो उसकी त्वचा अभी भी पारदर्शी (आर पार दिखाई देना) होती है। जैसे जैसे उसका विकास होगा, उसकी त्वचा की परतें बढ़ने के साथ मोटी होती जाएंगी। मांसपेशियों और वसा जैसे अन्य ऊतकों का निर्माण अभी चल रहा होता है। इन सबके अभी पूर्ण रूप से विकसित न हो पाने के कारण ही उसकी हड्डियां इतनी स्पष्ट दिखाई देती हैं।

19वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 19th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के इस हफ्ते आपके बच्चे के कान और सुनने की क्षमता अधिक विकसित हो जाती है। इसलिए अपने आसपास के वातावरण को शांत रखने की कोशिश करें क्योंकि शोर से बच्चे को परेशानी हो सकती है। यह आपके पति और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए बच्चे से बात करने का उपयुक्त समय होता है ऐसा करने से बच्चा उनकी आवाज़ों को पहचानने लगता है।

जितना हो सके अपनी त्वचा को लोशन आदि के प्रयोग द्वारा चिकना रखने की कोशिश करें। ऐसा करने से त्वचा सम्बन्धी समस्याओं के होने की सम्भावना कम होती है।

प्रेगनेंसी के उन्नीसवें हफ्ते की डाइट – Diet for 19th week pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के 19वें हफ्ते में बच्चे की आंखों और मस्तिष्क के साथ हार्मोनल ग्रंथियों का विकास हो रहा होता है इसलिए आपको ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन डी, आयोडीन आदि का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।

ओमेगा 3 फैटी एसिड, टोफू, अखरोट, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक,सरसों का साग, मेथी, अंडे और दूध आदि में पाया जाता है।
ऑयली मछली का सेवन सप्ताह में अधिक से अधिक दो बार ही करें। 
झींगा मछली, मांस और अण्डों में आयोडीन पाया जाता है।
पेय पदार्थो की मात्रा संतुलित रखें। आपके शरीर को नमी की बहुत आवश्यकता होती है।

प्रेगनेंसी का अठारहवां सप्ताह – Pregnancy in 18th week in Hindi

गर्भावस्था के अठारहवें सप्ताह के दौरान, कुछ महिलाओं की भूख बढ़ जाती है। तो इस समय आप स्वस्थ और पौष्टिक भोजन खाने की कोशिश करें जिनमें फाइबर उच्च मात्रा में मौजूद होता है। इसके लिए आप हमारा गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या न खाएं लेख पढ़ें। इससे आपको इस समय के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार जानने में मदद मिलेगी।

18वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes during 18 week pregnancy in Hindi

इस सप्ताह के दौरान आपकी कमर बढ़ने लगती है। यदि आप दो उंगलियों से अपने पेट के नीचे के हिस्से को स्पर्श करेंगी तो आप अपने गर्भाशय को महसूस कर सकती हैं।
यह खरबूजे के आकार का हो जाता है। कुछ महिलाओं का अठारहवें सप्ताह तक 5.8 किग्रा वज़न बढ़ जाता है। लेकिन हर महिला का इतना वज़न बढ़ना ज़रूरी नहीं है क्योंकि प्रत्येक महिला का शरीर अलग प्रकार का होता है।

यदि आपका वज़न इससे अधिक या कम है तो अपने स्वास्थ्य की जानकारी के लिए डॉक्टर से बात करें। आपको जल्दी जल्दी बाथरूम के लिए जाना पड़ सकता है। इसलिए अपने आराम के लिए सोने या लेटने से पहले टॉयरूम का उपयोग करने की आदत डाल लें।

कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के इस हफ्ते में चक्कर आने की अनुभूति हो सकती है। खड़े होने या बैठने की स्थिति में बदलाव लाकर और एकदम से आगे बढ़ने का प्रयास न करके इस समस्या को कम किया जा सकता है।
खिंचाव के निशान आपके पेट के बढ़ने के साथ साथ और अधिक हो जाते हैं और अगर चकत्ते (Rashes) और अधिक बढ़ेंगे तो उनमें खुजली भी बढ़ सकती है। इस चरण में कुछ गर्भवती महिलाएं बदहजमी, कब्ज और सीने में जलन का भी सामना करती हैं। इन लक्षणों को दूर करने के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

अठारहवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास – Baby development in 18th week of pregnancy in Hindi

जैसे जैसे आपके शिशु की हड्डियों का विकास होता है और उनमें कठोरता आती है, सबसे पहले पैर प्रभावित होते हैं। कानों की आंतरिक हड्डियां भी कठोर होने लगती हैं और बच्चे की सुनने की क्षमता भी बढ़ जाती है।
जैसे जैसे बच्चे का मस्तिष्क तंत्रिका संदेशों को भेजना और प्राप्त करना शुरु करता है, बच्चा और अधिक तेज़ी से सुनने और प्रतिक्रिया करने लगता है। साथ ही बच्चा किक भी मारना शुरु कर देता है।

शिशु की लम्बाई 5½ इंच और वज़न इस सप्ताह तक लगभग 148 ग्राम हो जाता है। और इसके बाद कुछ हफ़्तों तक इन दोनों में धीमी गति से वृद्धि होती है। बच्चा अपने पैरों को क्रॉस करना अपने जोड़ों को मोड़ना और उलट फेर करना शुरु कर देता है।
यदि आपके गर्भ में पलने वाला शिशु लड़की है, तो उसके गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब्स का निर्माण इसी हफ्ते होगा।

अठारहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 18th week pregnancy in Hindi

आपकी गर्भावस्था के 18-20 सप्ताह में डॉक्टर आपके बच्चे के आकार और शारीरिक संरचना का मूल्यांकन कर सकते हैं। इस दौरान अल्ट्रासाउंड में शिशु का सिर इस प्रकार दिखाई देता है कि उसके सिर की परिधि (Head circumference) या बाइपेरेटियल व्यास (Biparietal diameter- BPD) मापा जा सकता है।

इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण चीज़ आपका बच्चा है, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर समय समय पर आवश्यक जाचें कराती रहें।

18वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 18 week pregnancy in Hindi

यदि यह आपकी पहली गर्भावस्था है और आप बच्चे की गतिविधियों (Movements) या संकेतों की प्रतीक्षा कर रही हैं लेकिन उन्हें महसूस करने में समय लग रहा है तो चिंता न करें। ज्यादातर महिलाओं को यह तब तक नहीं अनुभव होते जब तक बच्चा थोड़ा बड़ा नहीं हो जाता अर्थात कुछ समय और इंतज़ार करें परेशान न हों।

बच्चे की गतिविधियों की परिभाषा के अनुसार, 23 सप्ताह तक कोई गतिविधियां अनुभव नहीं की जाती हैं, लेकिन कई महिलाओं को यह अनुभव जल्दी होता है। और जैसे जैसे हफ्ते बढ़ते जाते हैं और बच्चा बड़ा होता जाता है, महिलाओं को किक भी महसूस होती है।

प्रेगनेंसी के अठारहवें हफ्ते की डाइट – Diet in 18th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के 18वें सप्ताह में आपके बच्चे के मस्तिष्क और आंखों का विकास होता है। इसलिए आपको अपने आहार में कुछ अतिरिक्त पोषक तत्व शामिल करने चाहिए जैसे, ओमेगा-3 फैटी एसिड और आयोडीन आदि।

खाद्य पदार्थों में, टोफू, सोयाबीन, अखरोट, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे और दूध आदि में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है।
ऑयली मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है, लेकिन कुछ कारणों से आपको सप्ताह में केवल दो बार ही इसका सेवन करना चाहिए।
सैल्मन मछली, झींगा, सार्डिन और अंडों में आयोडीन होता है।
पेय पदार्थो में, एप्पल स्मूदी (शेक) आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे हैं।

गर्भावस्था का सत्रहवां सप्ताह – Pregnancy in 17th week in Hindi

17वें हफ्ते तक आप अपनी गर्भावस्था के साथ अधिक सहज महसूस करने लगती हैं और गर्भावस्था के लक्षणों को समझने लगती हैं तो उनसे निपटना भी सीख जाती हैं। आपका पेट भी अब एक गर्भवती महिला की तरह दिखने लगता है।

17वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 17th week of pregnancy in Hindi

17वें सप्ताह में आपका पेट पूरी तरह से दिखना शुरू हो जाएगा। बच्चे को पेट में चारों ओर घूमने के लिए जगह प्रदान करने के लिए गर्भाशय बढ़ने लगता है। आपका गर्भाशय पेट की ओर, आंतों को ऊपर या बाहर की ओर धकेलना शुरू कर देता है। सोने और बैठने की तुलना में खड़े होने पर आपको पेट पर अधिक भार महसूस होगा।

कुछ महिलाओं को पैरों की नसों में कभी कभी साइटिका का दर्द (Sciatic pain) भी महसूस होता है जो बहुत कष्टदायी हो सकता है। साइटिका नस, शरीर में सबसे बड़ी नस होती है और यह गर्भाशय से लेकर पूरे पैरों में फैली होती है।
इस दर्द का कारण आमतौर पर बढ़ते बच्चे की वजह से नसों पर पड़ने वाला दबाव होता है। एक स्थान पर लंबे समय तक खड़े रहने या सोते समय पैरों के नीचे तकिया लगाकर सोने की आदतों को छोड़ने से इस समस्या को कम किया जा सकता है।
डॉक्टर दर्द को दूर करने के अन्य तरीकों का सुझाव दे सकते हैं। रक्त की मात्रा में वृद्धि होने के कारण अधिक पसीना भी आ सकता है।

इसके अलावा, कुछ महिलाओं को योनिस्राव या नाक बंद होने का अनुभव भी होता है। लेकिन यह सामान्य स्थितियां होती हैं और बच्चे के जन्म के बाद अपने आप गायब हो जाती हैं।

सत्रहवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास – Baby development in 17th week of pregnancy in Hindi

सत्रहवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु लगभग 5½ इंच लंबा और वजन करीब 140 ग्राम का हो जाता है जो कि प्लेसेंटा से भी ज्यादा होता है। गर्भनाल की लम्बाई, मज़बूती और मोटाई में वृद्धि होती है। बच्चे की सुनने की क्षमता का तेजी से विकास होता है और इसी कारण तेज़ आवाज़ों से वो गर्भ के अंदर ही डरने भी लगता है।

हड्डियों का पूरी तरह से विकास हो जाता है और कान अपनी सही जगह पर स्थित हो जाते हैं। वसा ऊतक और वर्निक्स (Vernix- नवजात शिशु की त्वचा पर विकसित होने वाला सुरक्षात्मक आवरण) का विकास होता है और ये शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
नरम हड्डियों से एक छोटे कंकाल का निर्माण होता है। हड्डियां लचीली होती हैं जो जन्म देने वाली नली (Birth canal) के माध्यम से बच्चे का जन्म होने में मदद करती हैं। यदि बच्चा लड़का होता है, तो इसी 17वें सप्ताह के दौरान उसमें प्रोस्टेट ग्रंथियों का निर्माण होता है।

सत्रहवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 17th week of pregnancy in Hindi

इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड टेस्ट में बच्चे का छोटा सा दायां हाथ दिखाई देता है और आप उसकी नाजुक उंगलियों की हड्डियां भी देख सकती हैं। लेकिन वह अभी अपनी उंगलियों का उपयोग करने लायक बड़ा नहीं हो पाया है। पैदा होने के बाद वो अपनी उंगलियों का उपयोग करना भी सीख जायेगा यहां तक कि वो अपने हाथ में आपकी उंगली भी पकड़ने लगेगा।

17वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Pregnancy tips for week 17 in Hindi

कुछ महिलाओं को इस सप्ताह से रैशेस (Rashes) पड़ने की समस्या होने लगती है और नए नए प्रकार की एलर्जी भी होती हैं। यदि आपको भी इन लक्षणों का सामना करना पड़ रहा है तो अपने डॉक्टर से बात करने में संकोच न करें। 
बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।
यदि आपको ऐंठन या परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो अपने खड़े होने, बैठने या सोने की स्थिति में बदलाव लाएं। 

प्रेगनेंसी के सत्रहवें हफ्ते की डाइट – Diet during 17th week of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के 17वें सप्ताह के दौरान, आपका वज़न धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जायेगा लेकिन आपको इसे समय समय पर जांचना होगा। आम तौर पर यह समय आपके बच्चे के मस्तिष्क और आंखों के विकास का समय होता है। इसके अलावा, हार्मोनल ग्रंथियां भी विकासशील होती हैं। आपको अपने आहार में कुछ अतिरिक्त पोषक तत्व शामिल करने की आवश्यकता होती है, जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड, आयोडीन और विटामिन डी आदि। 

ऑयली मछली, ओमेगा 3 फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत है, लेकिन आपको सप्ताह में दो बार ही इसका सेवन करना चाहिए उससे अधिक नहीं क्योंकि इसमें पॉलीक्लोरिनेटेड बाइफिनाइल्स (Polychlorinated Biphenyls – PCBs) और डाइआक्सिन (Dioxins) होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते हैं।
खाद्य पदार्थों में, ओमेगा 3 फैटी एसिड प्राप्त करने के लिए आप टोफू, सोयाबीन, अखरोट, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे और दूध पी सकती हैं।
सैल्मन (एक प्रकार की मछली), झींगा, सार्डिन (एक प्रकार की छोटी मछली), मांस और अण्डों में आयोडीन होता है।
पेय पदार्थो में, एप्पल स्मूदी (एक प्रकार का शेक) और रसम (सूप का नाम) आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे भारतीय पेय हैं।

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