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गर्भावस्था का 22वां सप्ताह – Pregnancy in 22 weeks in Hindi

गर्भावस्था के 22वें सप्ताह के दौरान मां में कई बाहरी परिवर्तन होते हैं। जैसे जैसे आपकी गर्भावस्था दूसरी तिमाही के मध्य या अंत की ओर बढ़ती है, आपमें और बच्चे में भी तेजी से विकास होता है। इस समय तक आपको अधिकतर गर्भावस्था के लक्षण महसूस होना बंद हो जाते हैं। हालांकि, नए लक्षण जैसे दर्द आदि अभी भी महसूस होते हैं लेकिन अधिक परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

बाईसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास – Baby development in 22nd week of pregnancy in Hindi

आपके बच्चे की लम्बाई इस हफ्ते 11 इंच हो जाती है और वज़न में पिछले सप्ताह से सिर्फ आधे ग्राम की ही बढ़ोतरी होती है। आकार में वो स्पेगेटी स्क्वैश (Spaghetti squash- स्क्वैश के पेड़ में लगने वाला अंडाकार अकार का पीला फल) जैसा होता है। वसा ऊतकों की कमी के कारण वह अभी भी बहुत पतला होता है, लेकिन जल्द ही वो ठीक हो जाएगा। त्वचा पर अभी भी लैन्यूगो (Lanugo) अर्थात गर्भ में बच्चे के शरीर पर आने वाले बाल या गर्भरोम मौजूद होते हैं  लेकिन अंदरूनी अंग तेजी से बढ़ रहे होते हैं। उसकी पलकें और भौहें अलग अलग हो जाती हैं। यहां तक कि उसकी आंखें भी पूर्ण रूप से विकसित हो जाती हैं लेकिन आँख की पुतली अभी पूरी तहर से विकसित नहीं हुई होती है।

शिशु का लिवर विभिन्न प्रकार के एंजाइम का उत्पादन शुरू कर देता है जो लाल रक्त कोशिकाओं के बढ़ने के लिए आवश्यक होते हैं। भ्रूण की लाल रक्त कोशिकाओं की उम्र कम होती है अर्थात वे जल्दी समाप्त हो जाती हैं, इसलिए भ्रूण में बिलीरूबिन (Bilirubin- रक्त को लाल रंग देने वाला वर्णक) का अधिक उत्पादन होता है।

मस्तिष्क से मिलने वाली संवेदनाएं भी विकसित होने लगती हैं। बच्चा, स्पर्श को पहचानना सीख जाता है। वह अपने चेहरे, गर्दन, धड़ और पैरों को रगड़ना भी शुरू कर देता है। यदि आपके गर्भ में पल रहा बच्चा लड़की है तो उसमें गर्भाशय, अंडाशय और अंडकोशिकाओं (egg cells) का पूरी तरह से निर्माण हो जाता है।

बाईसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 22 weeks pregnancy in Hindi

इस सप्ताह के अल्ट्रासाउंड टेस्ट में बच्चे की आँखें और होंठ अधिक विकसित दिखाई देते हैं। शिशु दिन में लगभग 12 से 14 घंटे सोने लगता है अर्थात इस बीच आप किसी भी किक या गतिविधि को महसूस नहीं करेंगी।
18 से 22 सप्ताह की प्रेगनेंसी के अल्ट्रासाउंड, आपको बच्चे के सभी प्रमुख अंगों और अन्य शरीर की झलक दिखा देते हैं। आप इस समय आनुवांशिक परीक्षण भी करा सकती हैं जिससे बच्चे में इसके स्थानांतरित होने की संभावना पता लगायी जा सके।

22वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 22 weeks pregnancy in Hindi

जैसे जैसे प्रेगनेंसी का 22वां हफ्ता शुरु होता है लोग आपको देखकर पहचानने लगेंगे कि आप गर्भवती हैं। बहुत से लोग बिना कुछ सोचे या बिना आपसे पूछे, आपके पेट को छूने की कोशिश करेंगे। कुछ महिलाओं को इससे कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन ज्यादातर महिलाएं इस कारण असहज महसूस करती हैं क्योंकि कुछ पारिवारिक सदस्यों या दोस्तों को मना करना भी अच्छा नहीं लगता लेकिन आपको ऐसा करना सीखना होगा क्योंकि ऐसा न करने से आपका मन नाखुश और अशांत रहेगा जो बच्चे के लिए हानिकारक होता है।

प्रेगनेंसी के बाईसवें हफ्ते की डाइट – Diet for 22 week pregnancy in Hindi

इस समय सभी पोषक तत्वों सेवन करें। आपको विभिन्न प्रकार के फलों, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, विटामिन ए का भी सेवन करें।

विटामिन ए आँखों के लिए ज़रूरी होता है और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। विटामिन ए के लिए अपने दैनिक आहार में अंडे की जर्दी, मक्खन और दूध को शामिल करें।
विटामिन ए के भी अच्छे स्रोतों में बीटा कैरोटीन भी पाया जाता है। उसके लिए गाजर, शकरकंद, पपीते और संतरों का सेवन करें।
कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखें क्योंकि यह समय से पूर्व प्रसव की संभावना को कम करता है।
तरबूज का रस, चुकंदर, अंजीर और गाजर का रस पिएं। 

22वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes during week 22 in Hindi

इस सप्ताह में आपका वजन बढ़ा हुआ दिखाई देने लगेगा। आपकी कमर बढ़ने के साथ साथ आपका वज़न भी हर हफ्ते लगभग आधा ग्राम बढ़ सकता है। यदि पिछले हफ्ते तक आपका वज़न लगभग 6.8 किलो बढ़ गया है और आप स्वस्थ और संतुलित आहार खा रही हैं, तो अब से हर हफ्ते आधा ग्राम वज़न बढ़ने की सम्भावना अधिक हो जाती है। गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ने और कम होने के सम्बन्ध में अपने डॉक्टर से बात करें क्योंकि प्रत्येक महिला की शारीरिक संरचना अलग होती है और प्रेगनेंसी में वैसे भी वजन घटता बढ़ता रहता है।

दुर्भाग्यवश कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के लक्षणों का अनुभव होना बंद नहीं होता और वे पूरी प्रेगनेंसी के दौरान ख़त्म नहीं होते। अधिकांश महिलाओं में ये कुछ कम ज़रूर हो जाते हैं। इस स्तर पर सभी महिलाओं में रक्त प्रवाह में वृद्धि की वजह से योनिस्राव होना सामान्य है। आप संभवतः इस समय अपने बच्चे की गतिविधियां दिन में अधिक बार महसूस कर सकती हैं।

गर्भावस्था का 21वां सप्ताह – Pregnancy in 21st week in Hindi

21वें सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान, मां और बच्चा एक दूसरे को अच्छी तरह से पहचानने लगते हैं। इस हफ्ते आप अपनी गर्भावस्था की दूसरी तिमाही को भी आधा पार कर चुकी होती हैं। इसलिए इस हफ्ते से खान पान के साथ साथ व्यायाम पर भी अधिक ध्यान देना महत्वपूर्ण हो जाता है।

मां के शरीर के अंदर और बाहर कई सारे बदलाव हो रहे होते हैं, लेकिन अधिकांश अंदरूनी परिवर्तनों की जानकारी नहीं हो पाती है। इस लेख में, ऐसे ही कुछ मां और बच्चे में होने वाले परिवर्तनों और खान पान की आदतों में करने वाले ज़रूरी बदलावों के बारे में जानकारी दी गयी है।

21वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 21st week of pregnancy in Hindi

इक्कीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास – Baby development in 21st week of pregnancy in Hindi

इक्कीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 21st week of pregnancy in Hindi

21वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Pregnancy tips during 21st week in Hindi

प्रेगनेंसी के इक्कीसवें हफ्ते में डाइट प्लान – Diet plan in 21 week pregnancy in Hindi

21वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 21st week of pregnancy in Hindi

21वें हफ्ते तक, आपका वज़न लगभग 6.8 किग्रा बढ़ जाता है और अब से हर हफ्ते करीब आधा ग्राम वज़न बढ़ना शुरु हो जायेगा।

चूंकि आपका गर्भाशय, आधा इंच पेट के ऊपर की ओर बढ़ता है इसलिए आपका पेट बाहर की ओर आ जाता है और अब तो कोई अजनबी भी बता सकता है कि आप गर्भवती हैं। आपके पैरों में ऐंठन और दर्द होना शुरू हो सकता है।
दर्द को दूर करने के लिए, प्रेगनेंसी तकिया का उपयोग करके अपने पैरों को ऊपर उठाने का प्रयास करें साथ ही अब से इस तकिया का नियमित रूप से उपयोग भी करें।

यह आपकी एड़ी, जांघों और पैरों में सूजन आने पर भी फायदेमंद होती है। जैसे जैसे आपका वजन बढ़ेगा, आपके चलने का तरीका अपने आप बदल जायेगा।
कभी कभी आप बेहोश भी हो सकती हैं, इसलिए ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें और हाई हील्स (High heels) के बजाय सपाट जूतों का प्रयोग करें।

अब से आपकी भूख भी बढ़ने लगेगी। हालांकि कुछ लोग आपको 300 कैलोरी से ज्यादा कैलोरी का सेवन करने के लिए मना भी कर सकते हैं लेकिन इस स्तर पर आने के बाद प्रति दिन 500 कैलोरी तक का सेवन करना ठीक है।
स्वस्थ रहने के लिए समय समय पर अपने डॉक्टर से खान पान सम्बन्धी सलाह लेती रहें।

इक्कीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास – Baby development in 21st week of pregnancy in Hindi

इस सप्ताह तक आपका बच्चा लगभग प्लेसेंटा के बराबर बड़ा हो जाता है। उसमें रक्त परिसंचरण की प्रक्रिया पूरी तरह से होने लगती है। साथ ही गर्भनाल (Umbilical cord) भी लम्बही में बड़ी और मोती होने लगती है।

पाचन तंत्र अभी भी परिपक्व हो रहा होता है क्योंकि आंतें फैलती और सिकुड़ती रहती हैं। पाचन तंत्र की क्रिया बच्चे के एम्नियोटिक द्रव (Amniotic fluid) को निगलना सीखने के साथ ही शुरु हो चुकी होती है।
इस चरण पर शिशु की भौहें और पलकें पूरी तरह से विकसित हो चुकी होती हैं और नाखून, हाथ और पैरों की उंगलियों के पोरों (Tips) को कवर कर लेते हैं। बच्चे का वज़न इस हफ्ते तक लगभग 320 ग्राम और लंबाई 8 इंच तक होती है। आपका बच्चा एक बड़े केला के आकार का हो जाता है।

इक्कीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 21st week of pregnancy in Hindi

इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में आप बच्चे की हड्डियों और कंकाल की संरचना के साथ उसके फेफड़ों में होने वाला विकास भी देख सकती हैं। सोनोग्राफर उसकी छाती को देखकर, शिशु के दिल और फेफड़ों के ऊतकों की पहचान कर सकता है।

21वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Pregnancy tips during 21st week in Hindi

इस स्तर पर कुछ महिलाओं को सिगरेट, चारकोल, राख या बीयर जैसे अस्वास्थ्यकर भोजन का सेवन करने का मन होता है। प्रेगनेंसी में ये सारी चीज़ें मना होती हैं इसलिए इस प्रकार की इच्छा उत्पन्न होने पर इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

इसके अलावा, जितना संभव हो उतना आराम करें और चिंतामुक्त रहें क्योंकि अगर आप तनाव लेंगी तो आपका बच्चा भी तनावग्रस्त हो सकता है। आपका बच्चा गर्भ में ही काफी सारी चीज़ें सीखता है इसलिए हर चीज़ का प्रभाव उसपर पड़ता है।

प्रेगनेंसी के इक्कीसवें हफ्ते में डाइट प्लान – Diet plan in 21 week pregnancy in Hindi

बच्चे और खुद को स्वस्थ रखने के लिए सभी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिसके लिए आपको विभिन्न प्रकार के फलों का सेवन करना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कम वसा वाले डेयरी खाद्य पदार्थ आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। इसके अलावा, विटामिन ए और कोलेस्ट्रॉल प्रेगनेंसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विटामिन ए रात की दृष्टि (Night vision) में सुधार करता है और कोशिकाओं के विकास और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। विटामिन ए के लिए अपने दैनिक आहार में अंडे की जर्दी, मक्खन और दूध लेना शुरु कर दें। 
बीटा कैरोटीन के लिए आप गाजर, शकरकंद, पपीते और संतरों का सेवन कर सकती हैं जो विटामिन ए के भी स्रोत हैं। 
कोलेस्ट्रॉल स्तर को बनाए रखना बहुत आवश्यक होता है क्योंकि यह प्लेसेंटा को स्वस्थ रखने में मदद करता है जो समय से पहले डिलीवरी की संभावना कम करता है।
स्वस्थ पेय पदार्थों में आप तरबूज का रस, अंजीर और खुबानी शेक, चुकंदर और गाजर का रस पी सकती हैं। लेकिन कोशिश करें कि आप घर के बने जूस का ही सेवन करें इससे संक्रमण से बचने में मदद मिलेगी। 

प्रेगनेंसी का बीसवां सप्ताह – Pregnancy in 20th week in Hindi

आपकी गर्भावस्था का 20वां हफ्ता, आपकी दूसरी तिमाही के मध्य का समय होता है। इस समय तक आप थकान, मॉर्निंग सिकनेस, मतली और अन्य गर्भावस्था के लक्षणों का अनुभव कर चुकी होती हैं लेकिन फिर भी थोड़ी थकान और दर्द का अनुभव अभी भी हो सकता है। इस हफ्ते के दौरान आपके बच्चे में कई रोमांचक परिवर्तन होते हैं।

20वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव – Body changes in 20th week of pregnancy in Hindi

ज्यादातर महिलाएं जिनका शरीर छोटा होता है उन्हें इस चरण में आने पर सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसा बच्चे द्वारा आपके आंतरिक अंगों पर दबाव डालने से होता है।

इस समय तक आपका वज़न लगभग 6-7 किलो बढ़ जाता है। अब से आपका लगभग आधा ग्राम वज़न हर हफ्ते बढ़ सकता है। आपकी कमर में वृद्धि होगी और बदहजमी, छाती में जलन, खुजली, मूत्र त्यागने और कब्ज की शिकायत जल्दी जल्दी हो सकती है।

अब आपको आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक से अधिक करना होगा, क्योंकि आपका बच्चा भी अधिक आयरन का प्रयोग करने लगता है। फल,  अंडे, चिकन, सूखे मेवे, अंकुरित गेहूं, दलिया, पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां आदि आयरन के अच्छे स्रोत हैं।
आयरन की कमी से गर्भावस्था में विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो सकती है। जिनमें प्रेगनेंसी में खून की कमी और समय से पहले प्रसव होने की समस्या प्रमुख है।

बीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास – Baby development in 20th week of pregnancy in Hindi

इस हफ्ते में शिशु का वज़न लगभग 318 ग्राम और लम्बाई साढ़े सात इंच से ज्यादा होती है। बच्चे की वृद्धि अब कुछ हफ्ते धीमी गति से होगी। आप शायद बच्चे की गतिविधियों को अधिक महसूस करेंगी क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह गर्भ की दीवारों की सीमाओं की जांच कर रहा हो।

बच्चे के फेफड़े अभी तक परिपक्व नहीं होते हैं, लेकिन बच्चा साँस ले रहा होता है। नवजात शिशु का प्रथम मल (मिकोनीयम- Meconium) गहरे हरे रंग के चिपचिपे पदार्थ के रूप में निकलता है। मिकोनीयम में मृत कोशिकाएं और एम्नियोटिक द्रव (Amniotic fluid) आदि पदार्थ होते हैं जिन्हें मां की पाचन क्रिया के समय बच्चे द्वारा निगल लिया जाता है।
लैन्यूगो (Lanugo) अर्थात गर्भ में बच्चे के शरीर पर आने वाले बाल अभी भी उसके शरीर पर होते हैं और सिर के बाल तेज़ी से बढ़ रहे होते हैं। कान पूरी तरह से कार्य करने लगते हैं, इसलिए शांत वातावरण में समय बिताना आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि आपका बच्चा प्रतिदिन 20 घंटे सोता है।

बीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड – Ultrasound in 20th week of pregnancy in Hindi

इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में बच्चे के पैर आपस में क्रॉस की स्थिति में होते हैं और उसका चेहरा उसके हाथों से ढका होता है। वह अभी कमजोर लग सकता है, लेकिन विकास की दृष्टि से वो सही है। 3-डी अल्ट्रासाउंड में उसकी हड्डियां भी दिखाई देती हैं जिनका दिन पर दिन विकास हो रहा होता है।

20वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स – Tips for 20th week of pregnancy in Hindi

यदि यह आपकी दूसरी या तीसरी प्रेगनेंसी है या अगर पहली भी है और आप और बच्चों की चाह नहीं रखती हैं तो अब से परिवार नियोजन या प्रेगनेंसी को रोकने के तरीकों की जानकारी प्राप्त करना शुरु कर दें।

अपने प्रसूति विशेषज्ञ से चुनी हुई परिवार नियोजन की योजना निःसंकोच साझा करें जिससे यदि कोई बेहतर तरीका या कोई सम्बंधित महत्वपूर्ण बात वो आपको बता सकें।
यदि आप चाहें तो स्वयं को महसूस होने वाली बातें, बच्चे की गतिविधियां आदि एक डायरी में लिखना शुरू कर सकती हैं जिसमें आप अपने 9 महीने के उन बेहतरीन पलों को लिख सकती हैं जो और कोई महसूस नहीं कर सकता। और यकीन मानिये भविष्य में कभी ये डायरी पढ़ने में आपको बहुत अच्छी अनुभूति होगी।

अपने और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार खाएं और नियमित रूप से व्यायाम करें।

प्रेगनेंसी के बीसवें हफ्ते की डाइट – Diet for 20th week pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के दौरान आयरन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, आयोडीन और विटामिन डी समृद्ध निम्न खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

आयरन का सेवन करने के लिए आप अपने भोजन में सूखे मेवे, अंडे, चिकन, दलिया, स्प्राउट्स, पालक आदि चीज़ें शामिल कर सकती हैं।
ओमेगा 3 फैटी एसिड के लिए आप अखरोट, हरी पत्तेदार सब्जियां, टोफू, सोयाबीन, अंडे आदि का सेवन कर सकती हैं।
सैल्मन, झींगा और सार्डिन मछली, मांस और अण्डों में आयोडीन होता है। इनका सेवन करें।