प्रेगनेंसी का चौथा महीना – Pregnancy fourth month in Hindi

गर्भावस्था के चौथे महीने से आपकी दूसरी तिमाही की शुरुआत हो जाती है। इस महीने में आप अधिक ऊर्जावान और कम बीमार महसूस करती हैं। सबसे बेहतर बात ये है कि अब जब आप प्रेगनेंसी की पहली तिमाही से आगे बढ़ चुकी हैं, तो आपके मिसकैरेज की संभावना काफी कम हो जाती है।

र्भावस्था के चौथे महीने में बच्चे का विकास – Baby growth during fourth month of pregnancy in Hindi

इस महीने के अंत तक, बच्चा लगभग छह इंच लंबा और आकार में बड़े संतरे जितना हो जाता है। उसकी हड्डियां मज़बूत होना शुरू हो जाती हैं, हालांकि उसकी त्वचा अभी भी पतली और पारदर्शी ही होती है। उसका शरीर लैन्यूगो (Lanugo) नामक गर्भरोमों से ढका होता है जो गर्भावस्था के अंत तक उसके शरीर पर रहते हैं। उसके सिर आइब्रो और पलकों के बाल भी बढ़ रहे होते हैं। उसके कानों का भी विकास हो रहा होता है। उसके कानों के अंदर की छोटी छोटी हड्डियां कठोर होने लगती हैं और वह कुछ आवाज़ों को सुनने में सक्षम हो सकता है। इस समय, बच्चा अपना काफी समय तो अंगूठा चूसने और खाद्य पदार्थों को निगलने में ही लगाता है।

प्रेग्नेंसी के चौथे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 4th month of pregnancy in Hindi

दूसरी तिमाही अक्सर प्रेग्नेंसी का सबसे आसान समय होती है। इस महीने तक, आपको परेशान कर देने वाली मॉर्निंग सिकनेस अब तक चली जाती है और संभवत: थकान भी कम महसूस होती है। इसके साथ ही आपका पेट दिखने लगता है। हालांकि ये बहुत बड़ा नहीं होता है लेकिन आप इसे महसूस कर सकती हैं। इस महीने के आखिर में पहुंचते पहुंचते आप बच्चे की गतिविधियों को महसूस करना शुरु कर सकती हैं। यह बहुत हल्के हो सकते हैं, हो सकता है ये आपको महसूस भी हों लेकिन आप उसे गैस या कुछ और समझ लें।

एस्ट्रोजन में वृद्धि होने के कारण इस महीने आपके तिल और झाइयां या धब्बे और अधिक गहरे रंग के हो जायेंगे। कई महिलाओं को गर्भावस्था की निशानी के तौर पर गाल, माथे, और नाक पर दाग धब्बे दिखाई देते हैं। गर्भावस्था में होने वाले इन धब्बों को रोकने के लिए, प्रेग्नेंसी सेफ सनस्क्रीन का प्रयोग करें ताकि हाइपरपिगमेंटेशन से सुरक्षा हो सके।

चौथे महीने की गर्भावस्था के बारे में जानने योग्य बातें – Things to know about fourth month of pregnancy in Hindi

इस दौरान आपकी मॉर्निंग सिकनेस की समस्या दूर हो चुकी होती है इसलिए आपके लिए अच्छी तरह से खाना पीना और प्रीनेटल विटामिन लेना आसान हो जायेगा। प्रोटीन, बच्चे के विकास के लिए बहुत आवश्यक होती है, इसलिए अधिक से अधिक मात्रा में इसे खाने की कोशिश करें, साथ ही सम्पूर्ण अनाज (Whole grains), फल और सब्ज़ियां भी ज़रूर खाएं।
डॉक्टर के पास अपना और बच्चे का स्वास्थ्य जानने के लिए निर्धारित समय पर ज़रूर जाएं। डॉक्टर कई जांचें कराने को कह सकते हैं। अल्ट्रासाउंड में आपके बच्चे की दिल की धड़कन भी सुनाई देगी। यदि आपको किसी भी तरह के जन्म दोषों के होने का खतरा होता है तो डॉक्टर आपको ऐम्नीओसेन्टीसिस टेस्ट (Amniocentesis test- गर्भाशय की जाँच) कराने को कहेंगे।

गर्भावस्था के इस महीने से आप अपने बच्चे से बातें कर सकती हैं और उसे गाने भी सुना सकती हैं क्योंकि इस समय उसके कान अच्छी तरह से विकसित हो जाते हैं। आप बच्चे के दिल की धड़कन को कभी भी सुन सकती हैं और अगर किसी परिवार के सदस्य को भेजना चाहें तो उन धड़कनों को रिकॉर्ड भी कर सकती हैं। यह बच्चे के साथ मज़बूत बंधन बनाने का बहुत अच्छा तरीका है।

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