प्रेगनेंसी का दूसरा महीना – Pregnancy second month in Hindi

प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने में आपका पेट दिखना शुरु नहीं होता है लेकिन आपके अंदर कई परिवर्तन हो रहे होते हैं। आपका बच्चा जो छोटे से ब्लास्टोसिस्ट के रूप में होता है बड़ा होना शुरु कर देता है और इसे अब भ्रूण कहा जा सकता है।

गर्भावस्था के दूसरे महीने में बच्चे का विकास – Baby growth in second month of pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के इस दूसरे महीने के दौरान, आपके बच्चे में हर मिनट में दस लाख नयी कोशिकाएं बनती हैं। ये कोशिकाएं बच्चे के सभी अंगों का निर्माण करती हैं। सबसे पहले हृदय विकसित होता है, उसके बाद लिवर आकार लेता है।

दूसरे महीने के अंत तक, बच्चे के सभी अंग सही जगह पर होते हैं, हालांकि वे इस समय पूरी तरह से काम नहीं करेंगे। इसके अलावा इस महीने के अंत तक, आपके बच्चे के हाथ और पैरों के उभार बनने लगते हैं जिनसे आगे जाकर बच्चे के हाथ पैर बनेंगे। उसकी आँखों के बनने की शुरुआत हो जाती है, जिसमें पलकें भी आती हैं जो इस समय बंद होती हैं। आपके बच्चे का वज़न अभी 14 ग्राम का होता है और वो रसभरी के आकार का होता है।

प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव – Changes in body during 2nd month of pregnancy in Hindi

अभी भी आप गर्भवती नहीं दिखेंगी लेकिन आप प्रेगनेंसी को महसूस करना शुरू कर देंगी। आपका गर्भाशय आपके बच्चे को विकास करने के लिए जगह बनाना शुरू कर देता है। जैसे जैसे आपका गर्भाशय फैलता है, यह आपके मूत्राशय पर दबाव डालता है, जिसका अर्थ है कि आप बाथरूम का प्रयोग अधिक बार कर सकती हैं। आपको उल्टियां भी हो सकती हैं। मॉर्निंग सिकनेस, जो नाम के अनुसार सिर्फ सुबह नहीं बल्कि दिन या रात किसी भी समय हो सकती है और गर्भावस्था के दूसरे और तीसरे महीने में ये बहुत अधिक होती है। आपको सोने में समस्या हो सकती है, थकान महसूस होगी, आपके मूड में जल्दी जल्दी बदलाव आ सकता है। ये सब होने पर परेशान होने की ज़रूरत नहीं है ऐसा सिर्फ और सिर्फ शरीर में हार्मोन का स्तर के बढ़ने की वजह से होता है, जो प्रेग्नेंसी के समय होना आम है।

हार्मोन ही आपके स्तनों में आने वाले बदलावों के लिए भी ज़िम्मेदार होते हैं। इस समय स्तन में दर्द या असहजता सी महसूस होने लगती है। हो सकता है कि आपको नयी ब्रा खरीदने की ज़रूरत पड़े क्योंकि उनका आकार भी बढ़ जाता है। इसके अलावा, एरियोला (Areola; निपल्स के चारों ओर की त्वचा) और निपल्स का रंग सामान्य से अधिक गहरा हो जाता है।

दूसरे महीने की गर्भावस्था के बारे में जानने योग्य बातें – Things to know about second month of pregnancy in Hindi

यदि आपने अभी तक अतिरिक्त सप्प्लिमेंट्स लेना शुरु नहीं किया है, तो जल्द से जल्द ऐसा करना शुरू कर दें। गर्भावस्था में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसका खास ध्यान रखिये।

उन चीजों से दूर रहें जो आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती हैं जैसे, तम्बाकू, शराब, मर्करी (Mercury) और अन्य विषाक्त पदार्थ आपके बच्चे को चोट पहुंचा सकते हैं। ध्यान रखें पहली तिमाही, आपके बच्चे के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।

इस महीने आपको डॉक्टर के साथ पहली अपॉइंटमेंट फिक्स कर लेनी चाहिए। डॉक्टर आपका और बच्चे का स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए आपसे बहुत से प्रश्न पूछ सकते हैं या आपको जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

डॉक्टर आपको ब्लड और मूत्र जांच कराने के लिए कह सकते हैं। वो आपकी शारीरिक जांच भी करेंगे जिसमें संभवतः पैप स्मीयर (Pap smear) हो सकता है। ये सभी परीक्षण गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इस अपॉइंटमेंट में, आप शायद पहली बार अपने बच्चे के दिल की धड़कन भी सुन सकते हैं।

डॉक्टर से आप इस अपॉइंटमेंट में प्रेगनेंसी सम्बन्धी किसी भी चिंता या परेशानी के बारे में चर्चा कर सकती हैं। आपके मन में कई सवाल उमड़ सकते हैं आप उन्हें पूछने में हिचकिचाएं नहीं बेझिझक पूछिए। इसी वजह से ये अपॉइंटमेंट थोड़ी लम्बी भी हो सकती है। और यही सवाल ये निश्चित करने में भी आपकी मदद करेंगे कि ये आपके लिए सही डॉक्टर हैं या नहीं। अगर आपको वो सही नहीं लग रहे हैं तो आप पहली तिमाही में दूसरे डॉक्टर का चुनाव कर सकती हैं।

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