सर्दियों के 10 सुपरफूड जो आपको रखें स्वस्थ और एनर्जेटिक

सर्दियों का मौसम वैसे तो काफी अच्छा होता है पर यही वो टाइम भी होता है जब हमे अपने खान पान का खास ख्याल रखना चाहिए। चाहे छोटे बच्चे हों या बड़ी उम्र के लोग सर्दियों में कुछ समस्याएं जैसे जोड़ों में दर्द , सर्दी जुकाम , स्किन ड्राई होना , बालों का झड़ना और पुरानी चोट का दर्द वापस आना वगैरह बढ़ने लगती है। इसीलिए हमे अपने खाने में कुछ चीज़ों को शामिल करके इन समस्याओ को आसानी से कम कर सकते हैं। पारम्परिक इंडियन फ़ूड में कई ऐसी चीज़ें हैं जो सर्दियों में न सिर्फ हमारे शरीर को मौसम के अनुसार जरूरी पोषक तत्व प्रदान करके हमे सारा टाइम एनर्जेटिक और फिट रहने में मदद करती है बल्कि हमारे इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बनाकर हमे बीमार होने से बचाते हैं।

अब बात करते है उन 10 सुपर फूड्स की जो विंटर में हमे स्ट्रांग और फिट रखने में हेल्प करते हैं।

बाजरा बाजरा में प्रोटीन , फाइबर , आयरन , पोटाशियम , मैग्नीशियम , कैल्शियम, विटामिन बी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा यह ग्लूटेन फ्री होता है और डाइबिटीज़ , अस्थमा के रोगियों के लिए काफी अच्छा होता है। आयुर्वेद के अनुसार बाजरा गर्म तासीर का होता है। बाजरा लम्बे समय तक पेट भरा रखता है , इसके हाई फाइबर कंटेंट के कारण डाइजेशन को इम्प्रूव करता है , एनीमिया को दूर करता है , इम्युनिटी बूस्ट करता है , हड्डियों को मजबूत बनाने में हेल्प करता है। इन सब गुणों के कारण इसे सर्दियों में खाना काफी हैल्दी होता है। बाजरा को हम नार्मल आटे में मिलाकर, या बाजरे के आटे की रोटी या बाजरे के लड्डू के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।

तिल – तिल को गर्म तासीर , हाई कैलोरी और बहुत सारे न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होने के कारण इसे विंटर फ़ूड की लिस्ट में रखा जा सकता है। इसमें कैल्शियम , मैग्नीशियम , आयरन , फॉस्फोरस के साथ ही पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं जो एनर्जी लेवल को बूस्ट करते हैं। इसके साथ ही इसमें हाई फाइबर कंटेंट होता है जो डाइजेशन में हेल्प करता है और कॉन्स्टिपेशन को दूर करता है। तिल को हम कई तरीको से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं जैसे तिल के लड्डू , सलाद में स्प्रिंकल करके , भून कर भी खा सकते हैं। हालाँकि जिनको किडनी स्टोन की प्रॉब्लम हो उनको तिल का प्रयोग कम करने की सलाह दी जाती है।

गोंद – अपनी गर्म तासीर के कारण , सर्दियों में गोंद शरीर की गर्मी को बनाए रखने में हेल्प करता है इसके साथ ही गोंद में घावों को भरने के गुण होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, गोंद स्टैमिना और ओवरआल हेल्थ को बढ़ाता है जो सर्दी खांसी की समस्या को दूर रखने में सहायक होता है। इसके अलावा कैल्शियम और प्रोटीन की मौजूदगी के कारण यह कमर दर्द , पीठ दर्द , और जोड़ों के दर्द को दूर करने में भी बेहद प्रभावी होता है।

हरी सब्जियां – ज्यादातर हरी पत्तेदार सब्ज़िया चाहे वो पालक हो , मेथी हो या बथुआ ,चौलाई , मूली के पत्ते सरसों यह गर्म तासीर की होती हैं। पत्तेदार हरी सब्जियां विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर होती है। पत्तेदार साग से भरपूर डाइट लेने से मोटापा, हृदय रोग, हाई बीपी और कमजोरी से राहत मिलती है। इसके साथ ही हरी सब्जियां आँखों को स्वस्थ रखती है , हड्डियों और बालों को मजबूत बनाती है। इनको हम साग के रूप में , सलाद , ग्रीन स्मूथी , वेजिटेबल स्टॉक , या आटे में मिलाकर पराठे या पूरी के रूप में भी ले सकते हैं।

घी – आयुर्वेद के अनुसार घी हमारी हेल्थ के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है इसमें एसेंशियल फैटी एसिड होते है जो हमारी सेहत के लिए लाभकारी होते है , इसके अलावा इसके सेवन से याददाश्त में सुधार होता है। घी में मौजूद ब्यूटेरिक एसिड के कारण इम्युनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आंत यानि इंटेस्टाइन को हैल्दी रखता है। घी में विटामिन E ,D, K और विटामिन A पाए जाते हैं जो ब्रेन पावर , इम्यून सिस्टम , आँखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते है। इसके साथ ही घी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।

शहद शहद को भी गर्म प्रकृति का माना गया है। शहद आपके पूरे शरीर को गर्माहट प्रदान करता है। कई रिसर्च में यह पाया गया है की शहद सर्दी जुकाम खांसी में तुरंत राहत देता है और किसी भी कफ सिरप के मुकाबले तेजी से आराम देने के साथ ही सर्दी खांसी से पीड़ित बच्चों में जल्दी नींद आने में भी प्रभावी होता है। इसके अलावा शहद में एंटी बैक्टीरियल , एंटी वायरल प्रॉपर्टीस होती हैं। इसीलिए इसका प्रयोग कई तरह की होम रेमेडीज में किया जाता है। शहद को काली मिर्च के साथ , दालचीनी के साथ लेने से गले की खराश में राहत मिलती है। सुबह खाली पेट गर्म पानी में शहद डाल कर पीने से बॉडी डेटॉक्स होती है और इम्युनिटी बढ़ती है। दूध में शहद का प्रयोग करने से स्टैमिना बढ़ता है और इसके साथ ही शहद का प्रयोग ड्राय स्किन की प्रॉब्लम को दूर करने में भी होता है। शहद में कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते है जो हमे कई तरह के इन्फेक्शन से बचाते है।

मसाले – हल्दी , दालचीनी , काली मिर्च , अदरक , लहसुन , लौंग , लाल मिर्च तेज पत्ता , अजवाइन , जीरा , हींग, केसर । ज्यादातर मसाले गर्म प्रकृति के होते है और इनका सेवन भी शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। इसके साथ ही इन सभी मसालों में इम्युनिटी बढ़ाने के गुण होते है। ज्यादातर मसाले कई तरह के मेडिसिनल प्रॉपर्टी से भरपूर होते हैं। इसीलिए इनके सामान्य खाने में प्रयोग के साथ ही काढ़े और सूप में लेना भी सर्दियों में शरीर की रोग रोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। हल्दी कफ को दूर करती है इसमें एंटीसेप्टिक , एंटी बायोटिक और एंटी एलर्जिक गुण होते है। इसके अलावा हल्दी में दर्दनाशक गुण भी पाया जाता है।

गुड़ हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, साथ ही हमारे शरीर में आवश्यक मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट और मिनरल्स का निर्माण करता है। गुड़ में ज़िंक, आयरन और सेलेनियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है। भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ खाने से डाइजेशन में हेल्प मिलती है क्योंकि यह पाचन प्रक्रिया में एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकता है। गुड़ की गर्म तासीर के कारण इसे सर्दियों में ज्यादा खाया जाता है। इसके साथ ही कई सारे डॉयफ्रुइट्स के साथ इसे मिलाकर खाने से यह एनर्जी और न्युट्रिशन से भरपूर होते है।

नवरंगी या नौरंगी दल, उत्तराखंड की एक विशेष दाल है। यह प्रोटीन और फाइबर में भरपूर होती है और मैंगनीज, फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन और तांबा जैसे कई महत्वपूर्ण मिनरल्स ,अच्छी मात्रा में फोलेट और बी-विटामिन होते हैं। यह भी गर्म तासीर की होती है इसीलिए इसे सर्दियों में ही खाया जाता है। इसका बनाने का तरीका काफी कुछ राजमा जैसा होता है पर इसका स्वाद थोड़ा अलग होता है।

कुलथी दाल एक प्रकार की दाल है, जिसे हार्स ग्राम के नाम से भी जाना जाता है। इसका रंग गहरा भूरा होता है और देखने में मसूर की दाल की तरह लगती है। दक्षिण भारत के कुछ प्रमुख व्यंजनों जैसे रसम आदि बनाने के लिए इसे प्रयोग में लाया जाता है। बुखार और सर्दी के लिए इस दाल का प्रयोग पारंपरिक दवाई के रूप में सदियों से किया जा रहा है। कुलथी दाल न सिर्फ सर्दी-बुखार से निजात दिलाने का काम करती है, बल्कि गले के संक्रमण को दूर करने का काम भी कर सकती है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार कुलथी की दाल का पानी भी सर्दी-खांसी से छुटकारा दिला सकता है।

इनसब के साथ ही गाजर , चुकंदर , शकरकंद , जैसे और कंद सब्जिओ को भी हम कई तरह से अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स और हाई कैलोरी फूड्स का भी प्रयोग हम इस मौसम में कर सकते है।

Published by

healthyme happyme

अगर अच्छा स्वस्थ्य आपकी मंज़िल है तो हम आपके इस सफर में आपके साथी है आप कैसा महसूस कर रहे हैं ये आपके हर दिन पे प्रभाव डालता है तो हम आपके साथ हैं आपके मार्गदर्शन के लिए और आपको प्रोत्साहित करने के लिए। आपका स्वस्थ्य आपके हाथ। HealthyMeHappyMe आपके स्वास्थय और शारीरिक क्षमताओं को और भी बेहतर बनाने के लिए आपकी मदद करता है।

Leave a Reply