हाई बीपी को कंट्रोल करने के असरदार उपाय

सामान्य तौर पर हमारा ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg होता है। हाई बीपी यानी ब्लड प्रेशर का समान्य से अधिक होना । वैसे तो बीपी बढ़ने का कारण अधिक तनाव या गुस्सा आना है पर इसके और भी कारण हो सकते हैं।

उम्र – उम्र बढ़ने के साथ साथ हाई बीपी का रिस्क भी बढ़ने लगता है नॉर्मली 65 साल की आयु के बाद इसका खतरा बढ़ जाता है खासतौर पर यदि आप मोटापे से भी पीड़ित हों। इसके अलावा खानपान का ठीक न होना भी ऐसी समस्या पैदा कर सकता है।

फिजिकल एक्टिविटी कम होना – हाई बीपी का खतरा उन लोगों को ज्यादा रहता है जो ज्यादा शारीरिक श्रम नहीं करते। एक्सरसाइज या वाक न करना भी इस रोग के होने की संभावना को बढ़ा देता है।

किसी बीमारी की वजह से -डाइबिटीज़ , थायरॉइड प्रोब्लेम्स , या कभी कभी प्रेगनेंसी में भी बीपी बढ़ने लगता है।

सोडियम ज्यादा लेने से – खाने में ज्यादा नमक लेने से , ज्यादा प्रोसेस्ड और पैक्ड फ़ूड , अचार , ज्यादा डीप फ्राइंग फ़ूड आइटम्स ज्यादा खाने से भी बीपी हाई होने की संभावना बढ़ जाती है।

ज्यादा शराब पीने और स्मोकिंग से भी ब्लड प्रेशर बढ़ता है।

यदि अक्सर हाई बीपी रहने को नजरअंदाज किया जाए, तो यह काफी गंभीर समस्या का रूप ले सकता है। हमारे शरीर के सभी अंगो तक रक्त पहुंचाने के लिए उसमे एक आवश्यक दबाव का होना ज़रूरी होता है। पर यदि यह दबाव अधिक होता है तो मस्तिष्क और हार्ट जैसे सेंसिटिव ऑर्गन्स को नुक्सान पहुंचा सकता है। इसी कारण हाई बीपी के कारण स्ट्रोक या ब्रेन हेम्ब्रज, हार्ट फ़ैल होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमें ब्लड प्रेशर को नार्मल रखने के लिए आवश्यक सावधानी रखनी चाहिए।

यदि आप का ब्लड प्रेशर सामान्य से ज्यादा रहता है तो सबसे पहले आपको इसका कारण जानना होगा की कही आपका वजन ज्यादा तो नहीं है या आपके खाने में नमक या पैक्ड फ़ूड की अधिकता तो नहीं है। या फिर आप कोई ऐसी मेडिसिन तो नहीं ले रहे , जिसके साइड इफ़ेक्ट से आपका बीपी बढ़ा हुआ है।

अब हम हाई बीपी को कन्ट्रोल करने के कुछ आसान घरेलु उपाय के बारे में बात करते हैं।

पानी ज्यादा पियें – सुबह उठकर पानी पियें। इसके अलावा पूरे दिन में आठ से दस गिलास पानी जरूर पियें।

लौकी का जूस – सुबह उठकर खाली पेट कच्ची लौकी का रस निकालकर पियें इससे आपका बीपी समान्य होता है।

मेथी के दानो को रात में भिगोकर रखें और सुबह इन दानों को चबाकर खाएं और फिर वही पानी पी लें।

खाने में पालक, लौकी , मेथी की सब्जी लें। फलों में सेब ,केला, अमरूद का सेवन करें।

खीरा और ककड़ी का प्रयोग सलाद में नियमित रूप से ज़रूर करें। यह ब्लड प्रेशर को सही रखने में मदद करता है।

एक कप ताजा पीच/आड़ू के रस में एक चम्मच धनिया और एक चुटकी इलायची मिलाएं। इस घोल को दिन में दो या तीन बार पियें। इससे उच्च रक्त चाप में रहत मिलती है।

मूंग दाल के सूप का सेवन करें, इसमें थोड़ी सी अजवायन, जीरा और एक चुटकी हल्दी मिलाएं। मूंग की दाल उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करती है।

बिना छिलके वाले तरबूज के बीज और पॉपी सीड्स यानी खस खस को मिलाकर पीस ले और इसे ग्लास कंटेनर में स्टोर करके रख लें। रोजाना सुबह नाश्ते से आधा घंटा पहले पानी के साथ लें। इससे रक्त का दबाव कम होता है और बढ़ा हुआ बीपी नियंत्रित हो जाता है।

हिबिस्कस टी यानि गुड़हल के फूल और इलाइची को मिलाकर चाय बनाये या गुड़हल के पावडर को पानी में उबाले और ठंडा होने पर इलाइची डाल कर पीने से हाई बीपी को कम करता है।

संतरे का रस और नारियल पानी को दो – एक के अनुपात में मिलाएं।इसे दिन में एक कप कम से कम दो से तीन बार पियें।

तरबूज में एक चुटकी इलायची और एक चुटकी धनिया मिलाकर खाएं। यह ड्यूरेटिक प्रॉपर्टी के लिए जाना जाता है और ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करता है।

मूली रक्तचाप को कम करने में मदद करती है, और आपके रक्त प्रवाह को नियंत्रण में रखती है। आयुर्वेद के अनुसार, मूली का रक्त पर ठंडा प्रभाव माना जाता है।

तुलसी के पत्ते उच्च रक्तचाप के लिए एक प्रभावी उपचार माने जाते है। नीम और तुलसी को मिलाकर लेने से ब्लड प्रेशर को कम करने में काफी मदद मिलती है।

पोटाशियम से भरपूर चीज़े खाएं जैसे पालक,कद्दू, बैंगन , टमाटर ,खीरा, आलू, शकरकंद, गाजर, केला ,हरी मटर।

सुबह सुबह एक कली लहसुन खाने से बीपी कंट्रोल होता है।

इनसब के साथ ही आप कुछ और तरीके अपना कर भी अपने रक्त चाप यानि बीपी को नियंत्रित रख सकते हैं। जैसे प्रतिदिन योग , प्राणायाम करें और कम से कम तीस मिनट तेज गति से पैदल चलें। तनाव न लें और नींद पूरी करें। ज्यादा नमक और तेल वाला खाना न खाएं और सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन ज्यादा करें। धूम्रपान , अल्कोहल का सेवन ना करें। ज्यादा चाय कॉफ़ी से भी बचें।

आजकल ब्लड प्रेशर चेक करने की मशीन आसानी से उपलब्ध है। यदि आपको या आपके घर में किसी को बीपी से संबंधित परेशानी रहती है तो इसे आप घर में रख सकते है। जब भी आपको अचानक सरदर्द , कमज़ोरी, घबराहट, उलटी, महसूस होती है तो आप उससे खुद ही अपना बीपी चेक कर सकते हैं और डॉक्टर को कॉल करके तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते है।

यदि आपका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ा हो या कोई मेडिकल कंडीशन है या आप पहले से कोई दवाई ले रहें हो तो तो आपको इन सुझावों के पहले डॉक्टर की सलाह लेना बहुत ज़रूरी है।

What is a normal BP in human body

Blood pressure reading me upar ka number(systolic) or neeche ka number (diastolic) hota hai. Normal blood pressure 120 se upar nahi hona chahiye or lower blood pressure reading me 80 se neeche nahi hona chahiye. Iske beech me hai to aapka blood pressure normal hai.
wo log jinka blood pressure normal range se upar ya neeche hai unko doctor se consult kerna chahiye.

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