ज़्यादा नमक क्यों नहीं खाना चाहिए

अति सर्वत्र वर्जयेत

अति सर्वत्र वर्जयेत अर्थात अति हर चीज़ की बुरी होती है यहाँ हम बात करेंगे नमक के अधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में ।

हमारे भोजन में नमक की आदर्श मात्रा 1,500 मिलीग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लेकिन हम अक्सर इस बात पर गौर नहीं करते कि हम कितना नमक खा रहे हैं और नमक की ज्यादा मात्रा लेते रहते हैं। नमक की मात्रा हम खाना बनाते समय तो ध्यान देते हैं पर खाना खाते समय हम इसको अनजाने ही बढ़ा लेते हैं। जैसे सलाद ,अचार या सॉस या चटनी में डला हुआ नमक हम ध्यान ही नहीं देते इस तरह हम तय मात्रा से काफी ज्यादा नमक लेलेते है।

अधिक नमक शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा देता है जिसका असर रक्त वाहिनियों के फैलने के रूप में दिखाई दे सकता है ।ज्यादा सोडियम ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

नमक की अधिकता के कारण किडनी स्टोन यानी पथरी हो जाती है ।

आहार में नमक की अधिक मात्रा का अधिक सेवन गैस्ट्रोएंट्रोएन्टराइटिस की समस्या पैदा कर सकता है ।

ज्यादा नमक खाने से हड्डियों में कैल्शियम की मात्रा कम होने लगती है और अधिक कमी होने पर ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा हो जाता है।

नमक का अधिक सेवन हेलिकोबैक्टर पायलोरी बैक्टीरिया द्वारा पेट के उपनिवेशण को बढ़ाता है जिससे गैस्ट्रिक समस्या पैदा हो सकती है या बिगड़ सकती है । अगर इसपर ध्यान न दिया जाए तो आगे चल कर ये गैस्ट्रिक टयूमर की समस्या उत्पन्न कर सकता है l  कई वैज्ञानिको के अनुसार अधिक नमक के सेवन से पेट के कैंसर का कारण बन सकता है l

इसलिए कहा गया है की नमक का सेवन सही मात्रा मे करना लाभदायक है

थकान मिटाने के घरेलु नुस्खे

थकान ऐसी समस्या है जिसका सामना हम अक्सर ही करते हैं। कई बार तो हम सुबह उठते ही थकान महसूस करते हैं और फिर सोचते हैं अभी तो सुबह ही है , पूरा दिन कैसे काम होगा। हमारा शरीर थकान तब फील करता है जब हम अपने रूटीन में खुद को समय देना भूल जाते हैं। कभी खाने में लापरवाही तो कभी ख़राब तबियत में भी काम करना मुख्य कारण है अक्सर थकान बने रहने के।

आइये दोस्तों इस बार हम जानेंगे थकान मिटाने के कुछ आसान उपाए के बारे में

स्टैमिना बढ़ाएं

शरीर से उसकी क्षमता से ज़्यादा काम लेना थकावट को निमंत्रण देने जैसा है l अपनी शरीर की क्षमता को पहचाने और उतना ही काम करें l अब आप सोचेंगे की फिर काम पूरा कैसे होगा ? इसका हल भी हम आपको बताते हैं । इसके लिए आपको अपना स्टैमिना बढ़ाना होगा। दिन में सिर्फ 30 मिनट की एक्सरसाइज या मॉर्निंग वाक आपको पूरे दिन एनर्जेटिक बनाये रख सकती है । इससे आपका स्टैमिना तो बढ़ता ही है, साथ ही आपकी हेल्थ भी इम्प्रूव होती है और इम्युनिटी भी बढ़ती है।

भरपूर नींद

हम सबने महसूस किया होगा कि  अगर हम रात में ठीक तरह से न सोएं, तो अगले दिन हम थका हुआ महसूस करते हैं और हमारा सारा दिन बोझिल ही गुजरता है । हम अंदाज़ा लगा सकते हैं कि  सही नींद, बॉडी के लिए कितनी अनिवार्य है ।इसके लिए आपको सोने का टाइम टेबल बनाना होगा , जैसे मान लीजिये आप रात 10 बजे फ्री होते है तो 10.30 तक सो जाइये देर रात तक न जागें और इस नियम को सख्ती से अपने ऊपर लागू के करें।

सही खानपान

खानपान का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है ।अगर आप अपनी सेहत और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं तो थकान आपसे दूर ही रहेगी ।इसके लिए आप रोजाना हरी सब्ज़िया, मौसमी फल, सलाद, दूध, मेवे अपनी रोज की आहार शैली में अपनाये और थकान को दूर भगाएं ।

पर्याप्त पानी पियें

अपनी बॉडी को हाइड्रेट रखें। पानी पीने के लिए प्यास लगने तक इंतज़ार न करें , थोड़ी थोड़ी देर में पानी पीते रहें। पानी की कमी से भी शरीर थकान अनुभव करता है। ध्यान रखिये आप दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी ज़रूर पियें। ज्यादा ठंडा पानी पीने के बजाए सामान्य पानी पियें।

शावर बाथ

शावर लेना , बहुत ही आसान और कारगर तरीका है,थकान दूर करने का l अगर आप बहुत ज्यादा थक गए है और तरोताज़ा होना चाहते है तो एक साधारण सा शावर बाथ सारे दिन की थकान चुटकियो मे दूर कर देगा l अलग अलग एसेंशियल ऑयल्स का प्रयोग करके आप शावर बाथ को और भी दिलचस्प बना सकते है l लैवेंडर आयल की कुछ बुन्दे नहाते समय पानी मे मिलाइए और एक स्वस्थ और तरोताजगी वाले शावर बाथ का आनंद ले l  

इन सब के बाद भी आपको यदि थकान रहती है तो आपको अपना मेडिकल चेकअप ज़रूर कराना चाहिए क्योंकि फिर ये थकान किसी बीमारी का संकेत भी हो सकती है।

साइनस क्या है और इसके घरेलु उपचार

साधारण जुखाम से अलग , साइनस मे तेज सिरदर्द, आखों मे जलन और गले के दर्द का तेज अनुभव होता है l सही समय पर उपचार ना किया जाये तोह यह दिमागी बुखार या दिमाग के सुजन मे बदल सकता है और जानलेवा बन जाता है l

साइनस मे नाक के पीछे की ग्रंथियों मे बैक्टीरिया से पस जमा हो जाता है l सही समय पर उपचार साइनस मे बेहद ज़रूरी है , साइनस को डॉक्टर्स एंटीबायोटिक्स देके उसका उपचार करते है और समस्या अधिक गंभीर हो जाने पर ऑपरेशन करने की भी ज़रूरत पढ़ती है l

आइये जानते है साइनस से बचने के कुछ उपाय:

हल्दी दूध साइनस की परेशानी में जल्दी असर दिखाता है। हल्दी की एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज साइनस के बैक्टीरियल इन्फेक्शन को खत्म करने में बहुत असरदार है।

विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा , अंगूर, नींबू का सेवन साइनस की समस्या को दूर करता है।

विटामिन E का सेवन साइनस को कम करने में मदद करता है इसके लिए अपनी डाइट में बादाम , अखरोट, अलसी, तिल,और कोल्ड प्रेस्ड वेजिटेबल ऑयल का प्रयोग करें।

अदरक , लोंग या काली मिर्च , तुलसी की पत्ती डालकर चाय बनाकर पियें। इससे साइनस में तुरंत राहत मिलती है।

नारियल पानी ,दही, पपीता का सेवन साइनस की समस्या को कम करने में काफी उपयोगी होता है ये सभी खाद्य पदार्थ हैल्दी म्यूकस के बनने में मदद करते है जिससे इन्फेक्शन जल्दी ठीक हो सकता है।

लहसुन में मौजूद एलिसिन एन्जाइम साइनस के बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करता है।

गाजर में मौजूद पोषक तत्व साइनस को ठीक करने में काफी असरदायक होते हैं। इसके लिए आप रोज़ 1 गिलास गाजर का जूस या चुकंदर – खीरे – पालक के जूस के साथ मिलकर पियें

आयुर्वेद में भाप लेना फेफड़ो की कई बीमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता रहा है । आयुर्वेद के मत अनुसार पेपरमिंट और यूकेलिप्टस की भाप लेने से साइनस में काफी राहत मिलती है।

मेथी के बीजों को उबालकर बनाए गए पेय में शहद की कुछ बूंदों को डालकर चाय बनाए और उसका सेवन साइनस में एक अचूक इलाज साबित होगा।

योग के फायदे यूँ तो जग जाहिर है किन्तु साइनस में योग करने से शरीर को साइनस से बचाया जा सकता है।  साइनस के बचाव में प्राणायाम सबसे कारगर देखा गया है।

साइनस के उपचार मे घरेलु उपाय सिर्फ एक हद तक ही अपनाये जा सकते है l समस्या की जड़ को खत्म करने मे चिकित्सक के परामर्श से बेहतर कुछ नहीं