सीने में दर्द

सीने में दर्द या छाती में दर्द वैसे तो काफी आम समस्या है लेकिन इसको नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सीने में दर्द अचानक ही होता है और यह दर्द अलग अलग प्रकार का हो सकता है जैसे सीने में दबाव महसूस होना या जलन, चुभन जैसा महसूस होना ।कभी कभी यह दर्द गर्दन या हाथो तक जाता है।

सीने में दर्द के पीछे कई कारण हो सकते है जैसे गैस या अपच , मांसपेशियों में खिचाव , सांस से सम्बंधित परेशानी या फिर हृदय रोग । क्योंकि सीने में दर्द एक गंभीर समस्या का संकेत देता है, इसलिए तत्काल चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है।

दिल से संबंधित सीने में दर्द

हालाँकि सीने में दर्द को हम हार्ट अटैक से जोड़ देते है मगर जिनको हार्ट अटैक होता है उनका कहना है की उन्हें सीने में तकलीफ तो होती है मगर उसे सिर्फ दर्द नहीं कहा जा सकता।

सामान्य तौर पर, दिल का दौरा या किसी अन्य दिल की समस्या हो जाने पर कुछ इस प्रकार के लक्षण दिखाई देते है जैसे छाती में दबाव या जकड़न महसूस होना, छाती में तीव्र दर्द होने के साथ-साथ पीठ, गर्दन, जबड़े, कंधे और भुजाओं तक दर्द महसूस होना, दर्द कुछ देर अधिक रहना फिर कम हो जाना फिर बार-बार वापसआना, सांस लेने में कठिनाई होना, पसीना आना और ठण्ड लगना, चक्कर आना या कमजोरी महसूस करना , उलटी अथवा मितली आना।

अन्य प्रकार के सीने में दर्द

हालांकि दिल से संबंधित छाती के दर्द को अन्य प्रकार के सीने में दर्द से अलग करना मुश्किल है पर हम ऐसे लक्षणों को देख सकते है जो दिल की बीमारी से नहीं जुड़े है जैसे मुंह में खट्टापन महसूस करना, निगलने में परेशानीहोना , सीने में दर्द का बढ़ना या घटना और शारीरिक हलचल से दर्द कम हो जाना, जोर से छींकने या खांसने पर सीने में दर्द होना या सीने में कई घंटों तक लगातार दर्द महसूस होना ।

सीने में दर्द के कारण

सीने में दर्द के कई संभावित कारण होते है, जिनमें से सभी को चिकित्सा की आवश्यकता होती है।

दिल से संबंधित कारण

सीने में दर्द के दिल से संबंधित कारणों में शामिल हैं:
दिल का दौरा -यह हृदय की मांसपेशियों में अच्छे से ब्लड सप्लाई न होने या ब्लड फ्लो में किसी रूकावट की वजह से होता है।

एनजाइना – एनजाइना सीने में दर्द के लिए शब्द है जो हृदय में रक्त प्रवाह में गड़बड़ी के कारण होता है।यह अकसर धमनियों की आंतरिक दीवारों पर कोलेस्टेरोल के अधिक होने के कारण होता है ये धमनिया रक्त को हृदय में ले जाती हैं। कोलेस्टेरोल के ज्यादा या फिर गाढ़े होने से ये धमनियों को संकीर्ण कर देते हैं और विशेष रूप से परिश्रम के दौरान हृदय में रक्त आपूर्ति में अवरोध पैदा करते हैं।

पेरिकार्डिटिस दिल के आसपास की थैली की सूजन है। जब आप सांस लेते हैं या जब आप लेटते हैं तो तेज दर्द का एहसास होता है जो समय के साथ और बदतर हो जाता है।

पाचन संबंधी कारण

पाचन तंत्र या डाइजेस्टिव सिस्टम में खराबी के कारण भी सीने में दर्द हो सकता है, जैसे एसिडिटी की समस्या जिसमे एसिड ज्यादा बनने की वजह से सीने में जलन महसूस होती है, इसके आलावा एसोफैगस में किसी विकार के कारण खाना निगलने में परेशानी होने से भी सीने में चुभन या दर्द महसूस होता है । गॉलब्लेडर की सूजन पेट दर्द का कारण बन सकती है जो आपकी छाती तक पहुंच जाती है।

अन्य कारण

पैनिक अटैक – सीने में दर्द के साथ अचानक से किसी चीज़ का भय होना, तेज़ धड़कन, तेज़ साँस आना, पसीना आना, सांस में तकलीफ, मितली, चक्कर आना, ये सब पैनिक अटैक के संकेत है।

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कोरोनावायरस महामारी क्या है ?

आजकल न्यूज़ में हम कोरोना वायरस के बारे में काफी कुछ देख रहे है की ये क्या बीमारी है? इसके लक्षण क्या है? ये कैसे फैलता है? और हम अपनी सुरक्षा के लिए क्या क्या कर सकते है? इसी के साथ हमे दिन भर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक व्हाट्सप्प पर जाने क्या क्या तरीके और नुस्खे देखने को मिल रहे है। इसलिए ये ज़रूरी हो जाता है की हम पहले इस बीमारी को समझे।

कोरोना वायरस माइक्रोस्कोप के अंदर ऐसा दीखता है। कोरोना वायरस जिसको हम COVID-19 से भी जानते है एक श्वसन रोग है। लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस की तकलीफ शामिल हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। वर्तमान में COVID-19 का कोई उपचार नहीं है।

कोरोनोवायरस के लक्षण क्या हैं ?

  • बुखार
  • खाँसना
  • गले में खराश
  • सांस लेने में कठिनाई
  • ठंड लगना
  • मांसपेशियों में दर्द
  • खाना फीका लगना

कोरोनावायरस कैसे फैलता है?

यदि किसी व्यक्ति को कोरोना संक्रमण है तो वह जाने अनजाने दूसरे लोगों को संक्रमित कर सकता है। यह तब होता है जब एक संक्रमित व्यक्ति छींकता है या खास्ता है, तो वह हवा में छोटी बूंदें भेजता है।

यदि कोई व्यक्ति इन बूंदों के संपर्क में आ जाए तो उसे कोरोना की बीमारी होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है ।

कोरोनावायरस का इलाज कैसे किया जाता है?

कोरोना हो जाने के बाद भी ज़्यादातर लोग जल्द ही ठीक हो जाते है और उन्हें जान का खतरा भी नहीं होता है।

थोड़े आराम और तरल आहार लेने से लोग ठीक हो जाते है। जो लोग बहुत बीमार होते हैं उन्हें अस्पताल में सांस लेने में मदद, IV तरल पदार्थ और अन्य उपचार की ज़रूरत होती है।

मैं कोरोनावायरस से खुद को कैसे बचा सकता हूं?

जितना हो सके खुद को और अपने परिवार को घर पर ही रखे।लोगों से बचें, खासकर उन लोगों से जो बीमार हैं, और व्यस्त स्थानों में ना जाए।

याद रखें COVID-19 किसी व्यक्ति के लक्षण होने से पहले भी फैल सकता है। यदि आपको बाहर जाने की आवश्यकता है तो मास्क ज़रूर लगाए।

अन्य लोगों से कम से कम 6 फीट (2 मीटर) दूर रहने की कोशिश करें।
अपने हाथों को बार-बार धोये।कोशिश करें अपनी आंखों, नाक या मुंह को न छूए ।

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ज़्यादा नमक क्यों नहीं खाना चाहिए

अति सर्वत्र वर्जयेत

अति सर्वत्र वर्जयेत अर्थात अति हर चीज़ की बुरी होती है यहाँ हम बात करेंगे नमक के अधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में ।

हमारे भोजन में नमक की आदर्श मात्रा 1,500 मिलीग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लेकिन हम अक्सर इस बात पर गौर नहीं करते कि हम कितना नमक खा रहे हैं और नमक की ज्यादा मात्रा लेते रहते हैं। नमक की मात्रा हम खाना बनाते समय तो ध्यान देते हैं पर खाना खाते समय हम इसको अनजाने ही बढ़ा लेते हैं। जैसे सलाद ,अचार या सॉस या चटनी में डला हुआ नमक हम ध्यान ही नहीं देते इस तरह हम तय मात्रा से काफी ज्यादा नमक लेलेते है।

अधिक नमक शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा देता है जिसका असर रक्त वाहिनियों के फैलने के रूप में दिखाई दे सकता है ।ज्यादा सोडियम ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

नमक की अधिकता के कारण किडनी स्टोन यानी पथरी हो जाती है ।

आहार में नमक की अधिक मात्रा का अधिक सेवन गैस्ट्रोएंट्रोएन्टराइटिस की समस्या पैदा कर सकता है ।

ज्यादा नमक खाने से हड्डियों में कैल्शियम की मात्रा कम होने लगती है और अधिक कमी होने पर ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा हो जाता है।

नमक का अधिक सेवन हेलिकोबैक्टर पायलोरी बैक्टीरिया द्वारा पेट के उपनिवेशण को बढ़ाता है जिससे गैस्ट्रिक समस्या पैदा हो सकती है या बिगड़ सकती है । अगर इसपर ध्यान न दिया जाए तो आगे चल कर ये गैस्ट्रिक टयूमर की समस्या उत्पन्न कर सकता है l  कई वैज्ञानिको के अनुसार अधिक नमक के सेवन से पेट के कैंसर का कारण बन सकता है l

इसलिए कहा गया है की नमक का सेवन सही मात्रा मे करना लाभदायक है

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